‘मुट्ठी भी मिट्टी’ कहानी बताती है कि हम कितने खोखले-डॉ. गजभिये
भोपाल (मप्र)। ‘मुट्ठी भी मिट्टी’ अति आधुनिक युग की कहानी है। इसमें कोई दो राय नहीं कि आधुनिक व्यवस्था में मनुष्य की भावनाएं मरती जा रही हैं। महानगरों में जीवन सिमट गया है। आधुनिक समाज व्यवस्था में यदि आपके पास पैसे नहीं हैं तो पीने का पानी भी नहीं मिलेगा। इस कहानी में प्रकृति का … Read more