आलोचकों ने पाठ्यक्रम में ‘सोजे वतन’ को उपेक्षित रखा
दिल्ली। प्रेमचंद लिखित ‘सोजे वतन’ कहानी-संग्रह भारतीयता और राष्ट्रीय चेतना की भावना से ओत-प्रोत है। प्रेमचंद जन्मजात देशभक्त थे। ‘सोजे वतन’ में आजादी का मंत्र प्रस्तुत हुआ है।प्रगतिशील आलोचकों ने ‘गोदान’, ‘कफन’ या ‘पूस की रात’ को तो पाठ्यक्रम में स्थान दिया, लेकिन ‘सोजे वतन’ को उपेक्षित रखा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् से संबद्ध इंद्रप्रस्थ … Read more