प्रो. शरद नारायण खरे ने पाया ‘सुर-शक्ति काव्य सम्मान’

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मंडला (मप्र)। अभिनव काव्यांश मंच पर रविवार को आयोजित ‘भक्ति में शक्ति’ कार्यक्रम के अन्तर्गत बेहतरीन और सारगर्भित सनातन धर्म का अलख जगाती हुई उत्कृष्ट शानदार व बेमिसाल प्रस्तुति हेतु सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे को संस्था ने ‘सुर-शक्ति काव्य सम्मान’ से सम्मानित किया। अभिनव काव्यांश परिवार ने इनके उज्जवल साहित्यिक भविष्य की … Read more

गोष्ठी में प्रो. शरद खरे सम्मानित

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मंडला (मप्र)। मप्र लेखक संघ, इकाई मंडला की नवरात्रि केंद्रित व पलक पुण्य स्मरण काव्य गोष्ठी इकाई का आयोजन इकाई की दीर्घकालीन सदस्या श्रीमती अन्नू अनिता दुबे के निवास पर किया गया। इसमें सबने दिवंगत बेटी पलक का भावभीना स्मरण किया। इसमें शानदार गीत, दोहे व मुक्तक आदि नीलम खरे, आशा अवस्थी, रेखा ताम्रकार, श्रीमती … Read more

हरिनाथ दुबे स्मृति साहित्य सम्मान हेतु शिव मोहन यादव चयनित 

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कानपुर (उप्र)। शैक्षिक संवाद मंच के तत्वावधान में वर्ष २०२६ के राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। मंच के संयोजक दुर्गेश्वर राय ने बताया कि विशेषज्ञ चयन समिति की संस्तुति के बाद विभिन्न श्रेणियों में यह चयन किया गया है। इसके अंतर्गत कानपुर देहात के साहित्यकार एवं एनसीईआरटी (दिल्ली) में सहायक संपादक … Read more

मप्र लेखक संघ की मंडला इकाई ने कराई शानदार काव्य गोष्ठी

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मंडला (मप्र)। मप्र लेखक संघ, इकाई मंडला की नवरात्रि केंद्रित व पलक पुण्य स्मरण काव्य गोष्ठी इकाई अध्यक्ष प्रो.शरद नारायण खरे के संयोजन-संचालन में दीर्घकालीन सदस्या श्रीमती अन्नू अनीता दुबे के निवास पर आयोजित की गई। इसमें श्रीमती दुबे की दिवंगत युवा पुत्री पलक को सबने भावभीने श्रद्धासुमन अर्पित किए और कविताओं के माध्यम से … Read more

‘रूप साहित्य सम्मान’ हेतु प्रविष्टियाँ/अनुशंसा आमंत्रित

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वाराणसी (उप्र)। साहित्य के क्षेत्र में संपादकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, किंतु अक्सर संपादन के क्षेत्र में सम्मान और पहचान के अवसर कम ही देखने को मिलते हैं। संपादन के इसी अतुलनीय साहित्यिक अवदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से स्थापित ‘रूप साहित्य सम्मान’ के लिए १५ नवम्बर तक प्रविष्टि चाही गई है।  … Read more

न‌यी पीढ़ी को रावणों और पूतनाओं को पहचानने की आवश्यकता-डॉ. दवे

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विमोचन… इंदौर (मप्र)। मूल सन्दर्भों से काटकर पौराणिक चरित्रों को व्यक्त करना वास्तविक लेखन नहीं है। लेखिका ने अपनी तीनों कृतियों में इन्हें अक्षुण्ण बनाए रखा है। न‌यी पीढ़ी को आज समाज में रावणों, कंसों और पूतनाओं आदि को  पहचानने की आवश्यकता है।      वामा साहित्य मंच के बैनर तले इंदु पाराशर की ३ पुस्तकों का लोकार्पण श्री … Read more

आचार्य शुक्ल के साहित्य ने आत्महीनता की ग्रंथि से निकालने का काम किया

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वर्धा (महाराष्ट्र)। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने साहित्य के माध्यम से लोगों को आत्महीनता की ग्रन्थि से निकालने का काम किया। विश्वबोध का रास्ता देशबोध से होकर निकलता है। हमें भारत के स्वत्व की रक्षा करनी चाहिए।           यह बात महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती के … Read more