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क्षितिज साहित्य संस्था द्वारा वर्ष २०२६ के सम्मान घोषित
इंदौर (मप्र)। लघुकथा विधा के संवर्धन के लिए कार्यरत क्षितिज साहित्य संस्था द्वारा वर्ष २०२६ के लिए सम्मान घोषित कर दिए गए हैं। यह सम्मान १५ नवम्बर को होने वाले वार्षिक कार्यक्रम में दिए जाएंगे।संस्था के सचिव दीपक गिरकरने बताया कि परिणाम अनुसार पवन शर्मा (छिंदवाड़ा) को क्षितिज लघुकथा शिखर सम्मान २०२६,नेतराम भारती (गाज़ियाबाद) को … Read more
महानिदेशालय ने थोपे नीतिगत एवं विनियामक प्रारूप केवल अंग्रेजी में
सेवा में,महानिदेशक,नागर विमानन महानिदेशालय,भारत सरकार, नई दिल्ली। संयुक्त सचिव,राजभाषा विभाग,गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली। विषय:-नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा जारी नीतिगत एवं विनियामक प्रारूपों को केवल अंग्रेजी में थोपने के विरोध में शिकायत। महोदय,उपर्युक्त विषय के अंतर्गत मैं आपका ध्यान नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा जनसामान्य एवं हितधारकों से सुझाव एवं टिप्पणियाँ आमंत्रित करने हेतु जारी … Read more
‘नराकास’:हिंदी में कार्य करने पर ध्यान दिया जाए
शिमला (हिमाचल प्रदेश)। एसजेवीएन लि. की अध्यक्षता में गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास, शिमला) की छमाही बैठक एसजेवीएन परिसर में आयोजित की गई। अध्यक्षता एसजेवीएन के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने की। इस दौरान शिमला स्थित विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा तथा भारत सरकार द्वारा निर्धारित राजभाषा लक्ष्यों की … Read more
‘मिलावट’ पर हुई ‘वामा’ की गोष्ठी
इंदौर (मप्र)। मिलावट की खाद्य सामग्री हम सबकी ज़िंदगी में जहर घोल रही है, इसी के मद्देनजर वामा साहित्य मंच ने ‘शुद्ध आहार – स्वस्थ परिवार; कलम की शक्ति से मिलावट पर प्रहार’ विषय पर आभासी बैठक का आयोजन किया। मुख्य अतिथि जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीनिवास मिश्र रहे। प्रचार प्रमुख सपना साहू ‘स्वप्निल’ के … Read more
कहानी का वर्तमान स्वरुप बहुत व्यापक हो गया-संतोष श्रीवास्तव
भोपाल (मप्र)। कहानी का वर्तमान स्वरुप बहुत व्यापक हो गया है। स्टोरी टेलिंग विधा बहुत पॉपुलर हो गई है। इंसान रास्ता चलते कहानी सुन रहा है। पर्यवरण के दृष्टिकोण से भी डिजिटल माध्यम उपयुक्त है। इसने कहानी के स्तर को आधुनिक बना दिया है। यही वजह है कि पत्रिकाओं की हालत चिंताजनक है। यह बात … Read more
पत्रकारिता को सदैव ही कर्तव्यपरायण रहना चाहिए
मंडला (मप्र)। समाचार पत्र-चैनल की सतत प्रस्तुतियों के अनुसार ही उसका महत्व स्थापित होता है।पत्रकारिता को सदैव ही सकारात्मक रहने व वैचारिक दृष्टि से समृद्ध रहकर राष्ट्र के प्रति कर्तव्यपरायण रहना चाहिए। ‘पत्रकारिता के मूल्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे ने यह बात भारतीय साहित्य संगम के संयोजक डॉ. धीरेंद्र … Read more
कबीर उत्सव:दोहों की आकर्षक प्रस्तुति से किया मंत्रमुग्ध
आगरा (मप्र)। संत कबीर की ६२८वीं जयंती पर छावनी स्थित ग्रैंड होटल में कबीर उत्सव का आयोजन किया गया। चेतना इंडिया व साहित्य संगीत संगम की ओर से आयोजित इस उत्सव में विद्वानों ने कबीर की वाणी, दर्शन और रहस्यवाद पर गंभीर मंथन किया। कबीर दास जी पर रचनाओं की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को … Read more
कहानी संग्रह ‘उसके गुलमोहरी रंग’ पर हुई परिचर्चा
दिल्ली। कस्तूरी मंच द्वारा आयोजित ‘किताबें बोलती हैं, सौ लेखक, सौ रचना’ श्रृंखला के अंतर्गत प्रतिष्ठित साहित्यकार उमंग जौली सरीन के चर्चित कहानी संग्रह ‘उसके गुलमोहरी रंग’ पर भावसमृद्ध परिचर्चा साहित्य अकादमी सभागार में सफलतापूर्वक हुई। मुख्य वक्ता प्रो. साधना अग्रवाल (कमला नेहरू कॉलेज) ने उमंग जी के संग्रह की गहन, सटीक और विश्लेषणात्मक समीक्षा … Read more