इतिहास की स्याही बहुत सौभाग्य से मिलती है-राकेश शर्मा
◾साहित्यिक पत्रिकाओं को एक परिवार बनाने के लिए साहित्य अकादमी ने कराया ‘वीणा की वाणी’ विमर्श इंदौर (मप्र)। ‘साहित्य स्थाई पत्रकारिता है’ और ‘पत्र-पत्रिका स्थाई साहित्य हैं’। इतिहास की स्याही बहुत सौभाग्य से मिलती है और वही तथ्य दर्ज होते हैं जो सोच-समझकर पदचाप के साथ चलते हैं। एक समय था जब मनुष्य के जीवन … Read more