पूरे देश में एक सर्वसम्मत भाषा होनी चाहिए, जिसे सभी समझ सकें
जनभाषा में न्याय… कानपुर (उप्र)। हमें वार्तालाप की भाषा को आत्मसात करना चाहिए। देश में १२० भाषाएँ और २० हजार बोलियाँ हैं लेकिन पूरे देश में एक सर्वसम्मत भाषा होनी चाहिए, जिसे सभी लोग बोल और समझ सकें।उद्घाटन सत्र में समारोह में मुख्य अतिथि इंस्टिट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंसेज के निदेशक डॉ. जी. के. गोस्वामी (भा.पु.से.) … Read more