अधिक भाषा का ज्ञान अपनी भाषा को भूलना नहीं होता
संगोष्ठी… दिल्ली। भाषा फैलती है और फैलना उसका स्वभाव है। एक से अधिक भाषा का ज्ञान होना अपनी भाषा को भूलना नहीं होता, बल्कि वह दूसरी संस्कृति, सभ्यता और साहित्य से जुड़ने का माध्यम है। नए शब्द जुड़ने से भाषा अवश्य समृद्ध होती है, लेकिन हिंदी या किसी भी भाषा के प्रचलित शब्दों की जगह … Read more