‘ज़रूरत क्या तुम्हारे रूप को…’
पुस्तक महोत्सव-कवि सम्मेलन.. पटना (बिहार)। अंतर्राष्ट्रीय मंचों के लोकप्रिय कवि पं. बुद्धिनाथ मिश्र ने जैसे ही अपने गीत की ये पंक्तियाँ पढ़ी कि, ‘ज़रूरत क्या तुम्हारे रूप को श्रृंगार करने की! किसी हिरणी ने अपनी आँख में काजल लगाया क्या’, पटना पुस्तक महोत्सव का विस्तृत सभागार तालियों से गूंज उठा। अगली पंक्तियाँ श्रोताओं के दिल … Read more