वैश्विक लिपि बनने की सामर्थ्य है नागरी लिपि में-डॉ. पाल
दिल्ली। नागरी लिपि अपनी सरलता, सुगमता और सर्वाधिक वैज्ञानिक प्रकृति तथा सूचना प्रौद्योगिकी के अनुकूल होने के कारण वैश्विक लिपि बनने की सामर्थ्य रखती है। आज से ५० वर्ष पूर्व स्थापित एवं देश-विदेश में नागरी लिपि का प्रचार प्रसार करने वाली प्रतिनिधि संस्था नागरी लिपि परिषद ने नागरी लिपि की सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर … Read more