भाषाई शुचिता बनाए रखना साहित्यकारों का नैतिक दायित्व- डॉ. दवे
कृति विमर्श… भोपाल (मप्र)। भाषा सिर्फ आपस में संवाद का माध्यम ही नहीं है, बल्कि हमारी जातिय अस्मिता और राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान भी है। भाषा की शुचिता और समृद्धि बनाए रखना साहित्यकारों का नैतिक दायित्व है। हमें अपनी भाषा और बोलियों पर हमें गर्व होना चाहिए।मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी (संस्कृति परिषद, भोपाल) के निदेशक डॉ. … Read more