तथ्य, कथ्य और पथ्य की त्रिवेणी से मिलकर बनती है श्रेष्ठ लघुकथा
भोपाल (मप्र)। तथ्य कथ्य और पथ्य की त्रिवेणी से मिलकर बनती है एक श्रेष्ठ लघुकथा। तथ्य यानि जो घटना लेखक को सबसे पहले प्रभावित करे। इसके पश्चात् कथ्य जो लेखक लघुकथा को लिखे और पथ्य जो पाठकों को ग्राहय हो उनतक पहुंचे।यह उदगार वरिष्ठ साहित्यकार और समीक्षक प्रो. मिथलेश अवस्थी (नागपुर) ने लघुकथा शोध केंद्र … Read more