हृदय तक पहुंच सकते हैं समय एवं परिवेश पर लघुकथा लिखकर
भोपाल (मप्र)। समकालीन लघुकथा में तकनीक के बढ़ते दखल को रेखांकित करना आज की बड़ी जरूरत है। वर्तमान लघुकथाकार अपने समय एवं परिवेश पर आधारित लघुकथा लिखकर पाठकों के हृदय तक पहुंच सकते हैं। आज प्रस्तुत डॉ. शील कौशिक की सभी लघुकथाएं प्रभावी और महत्वपूर्ण हैं।यह उदगार साहित्यकार सुनीता आंभोरे मुंबई (महाराष्ट्र) ने लघुकथा शोध … Read more