साहित्यकार केवल सृजनकर्ता नहीं, बल्कि सजग मार्गदर्शक
काव्य गोष्ठी… सोनीपत (हरियाणा)। आज का साहित्यकार केवल सृजनकर्ता नहीं, बल्कि समाज का सजग मार्गदर्शक है। सामाजिक ताने-बाने के बिखराव पर चिंता, संवेदनशील चिंतन और सहभागिता समय की मांग है।डॉ. शशि जायसवाल (उप्र) ने अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।अवसर रहा कल्पकथा साहित्य संस्था की २०५वीं काव्य गोष्ठी का, जिसमें मुख्य अतिथि पं. अवधेश प्रसाद … Read more