गरीबी, छुआछुत के खिलाफ कलम से आग उगली मुंशी जी ने
धनबाद (झारखंड)। मुंशी प्रेमचंद भारत की आत्मा थे, जिन्होंने गरीबी, अशिक्षा, छुआछुत, जातिवाद, धर्मवाद के खिलाफ अपनी कलम से आग उगली और आज़ादी का बिगुल बजाते रहे।सामाजिक साहित्यिक जागरुकता मंच (मुम्बई) के ३२ वर्ष पूरे होने एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की १४५वीं जयन्ती के अवसर पर संस्था द्वारा आयोजित आभासी राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी की … Read more