यादों की अनमोल संदूकची है संस्मरण
इंदौर (मप्र)। हंसा मेहता ने अपनी लघुकथाओं में समाज में फैलती जा रही संघर्षमय जीवन, स्वार्थ प्रियता, आत्मकेंद्रीयता, अलगाव, रिश्तों में टूटन जैसी बुराईयों को प्रचुरता से स्थान दिया है। संस्मरण यादों की अनमोल संदूकची है।अध्यक्षीय उद्बोधन में लघु कथा संग्रह ‘खाली डायरी’ पर वरिष्ठ लेखक और लघुकथा कार डॉ. योगेन्द्रनाथ शुक्ल ने यह बात … Read more