माँ दुर्गा के अवतार

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* नवरात्रि में माता ,नवदुर्गा रूप दिखातीभक्ति की शक्ति से माँ,कृपा जग में बरसाती। शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी,चंद्रघंटा जब आतीभक्तों के भय हर माता,हर अंधकार मिटाती। कूष्मांडा स्कंदमाता,कात्यानी जब आतीभक्तों की रक्षा कर माता,सारे वचन निभाती। कालरात्रि महागौरी,सिद्धिदात्री जब आतीभक्तों के मन को माता,बहुत है हर्षाती। अमृत की धार बह के,कृपा सिन्धु बन जाती।नवरात्रि में … Read more

कविता से सम्मान

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** कविता में कवि प्राण है,कविता में ही जान है। कविता से सम्मान है,कविता से पहचान है। कविता मेरी आत्मा है,कविता ही परमात्मा है। कविता ही मेरी तरंग है,इसके बिना कवि बे-रंग है। जहां न दिखे कहीं कुछ,कवि को दिखे सब-कुछ। कविता में ही समाधान है,कल्पनाओं की उड़ान है। हृदय में उठता तूफान … Read more

नमन करे देश

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘शहीद दिवस विशेष’ (२३ मार्च)… नमन करे देश,उन सपूतों कोजिन्होंनेजीवन का बलिदान किया,त्याग-तपस्या से अपना जीवनमातृभूमि को अर्पण किया। नमन करे देश,उन सपूतों कोजिन्होंनेस्वतंत्रता के लिए,हर अंधेरे पल को सहाऔर घोर यातनाएँ भी झेलीं। नमन करे देश,उन सपूतों कोजिन्होंनेअंधेरी दिशाओं मेंदीप जलाए,और अपनी शौर्य गाथा सेसारे जहाँ को जगमगाया,जग में स्वतंत्रता … Read more

आज़ादी की अलख जगाई

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** ‘शहीद दिवस विशेष’ (२३ मार्च)… २३ मार्च शहीदों की यादें थी ताजा करती,आज़ादी के महासमर में देशप्रेम थी भरतीभगत, सुखदेव, राजगुरु, फांसी के विरुद्ध भीड़ उमड़ती,काश! वकील साथ तो देते, अंग्रेजों को तमाचा पड़ती। शहीद भगत सिंह-लाहौर से पंजाब तक की पूरी पढ़ाई,देशप्रेम से ओत-प्रोत हो क्रांति ज्योत जलाईब्रिटिश … Read more

कौन देखता आइना यहाँ पर ?

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ जनभाषा में न्याय… हर कोई दोस्ती करना चाहता है,हर कोई दिवानगी में आगे आना चाहता है। फोन में तरह तरह के एप हैं, खिल जाते हैं मन यहाँ,फोन फ्रेंड बनते हैं, फिर फोन से खत्म भी हो जाते हैं। कौन देखता आइना यहाँ पर,अब तो खूबबसूरत-सी परी देखते हैं यहाँ। टूट कर … Read more

भारत की शान, भारत की पहचान

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* भारत की शान,भारत की पहचान-मृदुल, मृदुल व्यवहार,व्यक्ति-व्यक्ति की मददगारहर अतिथि का स्वागत,मधुर-मधुर मुस्कान लिएदोनों कर जोड़कर,मुस्कान लिए होंठों परमीठी-मीठी बोली,शहद घोलकर-नमस्कार, नमस्कार। यही भारत की शान,यही भारत की पहचान…। कोई दुश्मन भी अगर,आ जाए भारत की शरणसरलता से, प्रेम सहित,सही-सही समझाकरउसकी विवेक को जागृत कर दे,मधुर-मधुर मुस्कान लिए,दोस्ती का हाथ बढ़ाए। … Read more

हे जगत जननी

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** हे, जगत जननी!चंद्रघंटा, माँ कुष्मांडा,जगत की पालनहारीसंसार में तेरा ही बाजे डंका। हे अम्बे!, हे दुर्गे!जपे है नाम तुम्हारा,चारों ओर फैले, पापियों कानाश कर, तुमने संहारा। हे माँ, कालरात्रि, चामुंडा!चंड-मुंड संहारने वाली,निर्बलों की रक्षक, राक्षसों की भक्षकसिंह पे बैठ, हुंकार भरो। हे माँ, नवदुर्गे!अवगुण का नाश करो,नवघट स्थापना से,प्रकृति में … Read more

चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष…. गौरैया रानी, गौरेया रानी,चुगती दाना, पीती पानी। पास आना, पास आना,नानी सुनाती एक कहानी। चुन्नी देख खुश हो जाती,ताबड़तोड़ ताली बजाती। चीं-चीं, चीं-चीं चहचहाती,फुदक-फुदक उड़ती जाती। सबका दिल वो जीत जाती,जब बच्चों संग फड़फड़ाती। बूढ़े-बच्चों का वो आकर्षण,उसके बिना होता सूनापन। आजकल लुप्त होती जाती,काश! वह फिर से … Read more

दिया कृष्ण ने ज्ञान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दिया कृष्ण ने ज्ञान, सुनाई रण में गीता।बदला था अब पार्थ, हुई अब बुद्धि पुनीता॥दूर हो गया मोह, शोक भी नहीं रहा था।मन में था उल्लास, हृदय में प्रेम बहा था॥ बदला था रण क्षेत्र, डरी दुश्मन की सेना।लड़ें परस्पर वीर, नहीं था लेना देना॥केशव के सब हाथ, कर्म था सब … Read more

हे! प्यारी चिरैया

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष… सुबह-सवेरे चहके पंछी,घर-घर चहके जागे पंछी। नन्हीं गौरया छत पर आई,भोली चिड़िया चीं-चीं लाई। हिय उल्लासित उड़ उड़ जाऊँ,सोन-चिरैया तखती जाऊँ। चहकी दिनभर मस्त चिरैया,सहेज नीड़, तृण-तृण चिरैया। झटपट अम्मा नीर ले लाई,मुट्ठी भर बाजरा फैलाई। आओ प्यारी चिड़िया आओ,चुन-चुन दाना चुगने आओ। फुदक-फुदक कर मन … Read more