समय इसे भर पाएगा…?

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* होली विशेष… आज गुलाल में वो लाली नहीं,अबीर में वो खुशबू कहाँ ?हरियाली दूर छूट गई,पीली सरसों टूट गई। पलाश में वो रंग कहाँ ?फाग के गीत मधुर नहींगुजियों की मिठास फीकी लगी,ढोल की थाप धीमी लगे। सजन तुम बिन सब सूना है,प्यार की धुन बुझ-सी गईइस रंग-बिरंगी होली में,मेरा मन … Read more

रंग मतवाले

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** होली विशेष… रंगपंचमी के रंग,बड़े मतवालेलगाते शरीर पर,खिल जाते दिलवाले हैं।रंग धनवान नहीं,अमीर-गरीब के संगरहते त्यौहार पर,ये भेद मिटाने वाले हैं।सूखे रंगों से खेलें हम,‘जल ही जीवन’ कीबात समझाने वाले हैं॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्मे श्री वर्मा का स्थाई बसेरा मनावर … Read more

गहना उजियारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गहना केवल स्वर्ण नहीं, स्नेहिल स्मृति का उजियारा है,माथे की बिंदिया-सा दमके, घर-आँगन का सितारा हैममता की मणि जड़ित हँसी, रिश्तों की रेशम डोरी,संस्कारों की शीतल छाया, जीवन का सच्चा सहारा है। गहना बन कर आई बेटी, आँगन में सुरभित भोर हुई,नन्हे पग की रुनझुन से ही, हर चिंता … Read more

होली में…

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** होली विशेष… गुलाबी गाल की बातें, रंगीले ख़्वाब की बातें,पुरानी हो चुकी है सब, ये नदियाँ पार की बातेंपकड़ कर साथ चलते हैं, सभी का हाथ होली में,नया कुछ कर दिखाते हैं, चलो इस बार होली में। कुंडली मार कर बैठा है, यह जो नाग नफरत का,दंभ और द्वेश ने फैला दिया … Read more

मातु तेरा नित अभिनन्दन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मातु शारदे, नमन् कर रहा, तेरा नित अभिनंदन है।ज्ञान की देवी, हंसवाहिनी, तू माथे का चंदन है॥ अक्षर जन्मा है तुझसे ही,तुझसे ही सुर बिखरे हैं।वाणी तूने ही दी सबको,चेतन-जड़ सब निखरे हैं।दो विवेक और नवल चेतना, तेरा तो अभिनंदन है,ज्ञान की देवी, हंसवाहिनी, तू माथे का चंदन है॥ कर दे … Read more

युद्ध नहीं चाहिए विश्व को

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ आज फिर घर घोर अंधेरा छाया हुआ,विश्व में बढ़ रही आहटतीसरे विश्व युद्ध की,पर मानवता पुकार रही युद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। वर्चस्व की इस लड़ाई में सदियाँ बीत गई,ताकत का इतना घमंड ठीक नहीं है भाईइससे आमजन ही मरते हैं,इसलिए मानवता पुकार रहीयुद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। ये बम-बारूद-हथियार … Read more

हर हाल में ज़िंदगी

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* हर हाल में ज़िंदगी को गले लगाइए,कभी खुशी, कभी ग़म-ज़िंदगी के दो पहलूकभी तो हँसाए, कभी तो रुलाए,अजब-ग़ज़ब है ज़िंदगी मेरी। हँसकर गले लगाइए,काँटों भरी राहों में फूल उगाइएसंघर्ष भरी ज़िंदगी है तो,अपने को आज़माइए। कठिन परिश्रम से अपने को ऊपर उठाइए,ज़िंदगी को उन्नति की राहों पर लाने के लिएअपनी मेहनत … Read more

रंग-रंगीली होली

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** होली विशेष… रंगीली-रंगीली आयीदिल में उमंग छायी,प्रेम रंग बरसे हैफागुन सँवारिए। लाल और हरा पीलारेशमी गुलाबी नीला,सब रंग प्यारे हैंआनन्द मनाइए। बच्चे बूढ़े औ जवानरंग गया आसमान,तन-मन हर्षित हैफाग गीत गाइए। चंदन की गंध डलेकेशर के रंग घुले,कंचन घट छलके हैरंग बरसाइए। नयनों में मस्ती बढ़ीरंग भंग खूब चढ़ी,गोरी के गोरे गालरंग … Read more

खुशियाँ भर देती होली

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ होली विशेष… होली का हर रंग अलग होता है,हरा, लाल, नीला, गुलाबी सब‘बेमिसाल’ रंगों की होली होती है,जीवन में जो ‘खुशियाँ’ भर देती है। जब दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं,इन ‘रंगों’ में सब के सब एक रंग हो जाते हैं,रंगों की होली ‘उमंगता’ का संचार करती है,जीवन में जो … Read more

होली-ऐसा रंग नहीं है भाता

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** होली विशेष… होली के त्यौहार में,रंग-बिरंगे लगते वनदेख एक-दूसरे को,फैला रहे हैं वह सुगंध। फूल-फूल भंवरे गाते,देते प्यार का संदेशमगन रहते प्रेम में,रात-दिन गुजारते। मूर्ख मानव भूल गया,प्रेम का त्यौहार है आयातन को बना रहा रंगीन,मन का मेल न धोया। हो कोई ऐसा रंग बना जो,मन की दूरी को दूर … Read more