संयुक्त परिवार-प्रेम का सागर
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* एक छत एक आँगन,एकसाथ दिलों की धड़कनविश्वास की नींव, प्रेम का सागर,मुस्कुराता है जहां अपनापन। रिश्ते जहां मीठी धुन से,सदा खुले खुशियों के द्वारसुंदर बगिया-सा महकता,सजता है संयुक्त परिवार। दादा-दादी का आशीष,माता-पिता की सच्ची सीखचाचा-चाची का निष्छल स्नेह,संयुक्त परिवार का हैं ये आधार। रिश्तों की डोरी मजबूत,एकता में शक्ति जहां साकारशिक्षा संस्कारों … Read more