माता-पिता ‘ईश्वर का वरदान’

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)…. माँ की ममता, पिता का साया,ईश्वर का सबसे सुन्दर वरदानइनका आशीष देता जीवन में,सुख, शांति, सफलता और सम्मान।  अपने सपनों को दरकिनार कर,देते हमको ये नई उड़ानबदले में बस ख्वाहिश इतनी,हमको मिले सुंदर जहान।  माता-पिता की सीख और संस्कार,जीवन जीना सिखलाते हैंधूप अगर जीवन … Read more

माता-पिता कुल श्रेष्ठ हमारे

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… मात-पिता मेरे भगवान, हमें बनाते शिष्ट बलवानभूत-भविष्य संग वर्तमान, गढ़ें संस्कार हो सामर्थ्यवान। माँ ही पहली शिक्षक मेरी, पालन पोषण जीवन धुरीपिता ही ताकत प्रेरणा पूरी,माँ से संभव स्वप्न अधूरी। पिता भाग्य के प्रथम प्रभारी, माता भविष्य की बड़ी पुजारीदोनों जीवन के बड़े उपकारी, चरण … Read more

नई ताजगी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धूप गर्मी की अब तो पसरने लगी,खेत की सारी फसलें भी पकने लगींमस्त ख़ुशबू अमलतास गुड़हल की अब,फ़िज़ाओं में रह-रह बिखरने लगी। अपने साज़ों हुनर से धरा भी यहाँ,नित नए चित्र में रंग भरने लगीहर तरफ़ हर दिशा में खुशी ही खुशी,सारी अमराइयाँ भी महकने लगी। अब पहाड़ों से झरने उतरने लगे,तरु … Read more

सच कागज़  पर आना चाहिए

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* उगते सूरज की बात कहूँ, कैसे बीती रात कहूँ,सच कागज पर आना चाहिये, काली रातों की बात कहूँ। डोली चढ़कर जाती दुल्हन, अपनी किस्मत साथ लिये,अनगिनत सपने देखे हैं, उन सपनों की सौगात कहूँ। आसमान पर चाँद खिला है, तारों की बारात वहाँ,टिम-टिम तारों से जगमग, रोशन होती रात … Read more

सूरज देवता, कुछ तो समझाइए

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हे सूरज देव !कुछ तो बता जाइएइतनी क्यों है जलन आपमें, कुछ तो समझ जाइए। अपने हैं कौन जग में, अब तो बता जाइए,प्रेम की बातें कैसे समझूँ, कुछ तो समझ जाइएजग में जीने के लिए खुद को कैसे समझाऊं, समझाइए। इस घोर कलयुग में, कलह कैसे खत्म हो बता जाइए,साधना मेरी … Read more

क्यों काटे हरे-भरे पेड़

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)… करुण पुकार सुनो,पेड़ आज आँसू बहा रहे हैंलोगों को समझाते-समझाते थक गए,फिर भी क्यों काटे जा रहे हरे-भरे पेड़ ? कब ‘जागोगे’ नींद में सोने वालों,पर्यावरण को ‘बचाओ’ नहीं तो कुछ भी नहीं रहेगाजीवन का पर्याय हरियाली, पेड़-पौधे हैं,फिर क्यों ‘काटे’ जा … Read more

करें प्रकृति श्रृंगार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)… पुरखों से मिली थी हमेंमुस्कुराती हरी-भरी धरती,निर्मल वातावरण और प्राकृतिक संपदा से हमें संपन्न करती। प्रकृति के असीम उपवन कोस्वार्थवश हमने क्षीण किया,हरितिमा की करुण पुकार कोनीरवता में परिवर्तित किया। विकास के उन्मत्त रथ परविनाश का ध्वज लहराया,कौन समझे यह मौन वेदना ?स्वार्थ ने … Read more

प्रकृति बिन जीवन कहाँ ?

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)… गीत प्रीत वनमीत बन, रखें श्वाँस  का ध्यान। एक वृक्ष माँ नाम पर, पर्यावरण सुहान॥ गौरवगाथा प्रकृति की, धरती मंगल  गान। बचे विश्व प्राणी जगत, जागे मनु  सन्तान॥ सुख वैभव ऐश्वर्य सब, सफल प्रकृति मुस्कान। गिरि कानन निर्झर सरित, मत काटो इन्सान॥ हरियाली धरती शुभे, प्राणी सकल जहान। प्राणवायु निर्मल बहे, रोपें तरु उद्यान॥ पालक तरुवर सम्पदा, वाहक जीवन लोक। निर्मल चहुँ वातावरण, … Read more

ताप कहूँ या सूर्यदेव संताप!

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** नौ तपा को ताप कहूँ, या सूर्यदेव संताप कहूँभीषण गर्मी, लू कहूँ, या आग-शोला कहूँ! झुलसे सारे पेड़-जंगल, इष्टदेव का खेल अमंगलसूख गए नदी-तालाब, कौन देगा यह जवाब ? नौ तपा की तपिश भीषण, ज्येष्ठ माह मे गर्म व उष्णअजब तेज हो वाष्पीकरण, सीधी पड़े सूरज की किरण। सूर्य रोहनी नक्षत्र के निकट, ताप तपिश हो भारी विकटलू, … Read more

एक नारी का क्या दोष ?

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** सोलह श्रृंगार नहीं तो क्या वो एक इंसान नहीं,बाकी सभी पहचान अब किसी काम की नहीं। औरों की नजरों में क्या उसे मर जाना चाहिए,बच्चों को दूसरों के हवाले कर जाना चाहिए! वही बच्चे जब दूसरों पर अब भारी बोझ बनेंगे,“हमारे नहीं हैं” कहकर पल्ला झाड़ ही लेंगे। इंसानों को बनाया है … Read more