हनुमान सुनो विनती

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ******************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष… रचनाशिल्प:भगण × ७+२२ हे हनुमान सुनो विनती अब, मारुति आपद दूर भगाओ।देव तुम्ही कलिकाल विराजत, उन्नति की सद राह दिखाओ॥राघव भक्त कृपा करना अब, हे प्रभु राम सुशासन लाओ।राम भजें सब काम तजें यह, नाम जपें हिय राम बिठाओ॥ मारुतिनंदन संकटमोचन, भक्त सभी करते हम सेवा।हे बजरंगबली हमको … Read more

श्री रामदूत हनुमान

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** ‘हनुमान जयंती’ विशेष… कलयुग में भी सदा अमर हैं भगवान रामदूत मेरे वीर हनुमान,किष्किंधा, अंजनेरी, तिरुमाला, अंजनधाम, गोकर्ण है जन्म स्थानबल, बुद्धि, विद्या, भक्ति, निःस्वार्थ सेवा के प्रतिमूर्ति हैं हनुमान,गुरु हैं जिनके सूर्य देवता, जन्म है रुद्रावतार,हनुमंतदेव महान। लाल फल की चाह में सूर्यदेव को निगल गए हनुमान,इंद्रदेव के … Read more

एक मुट्ठी आसमाँ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* करो जागरण अंतर्मन का, मन संकल्प सजाओकरना है जो कर ही डालो, रोग दूर कर जाओबंधु ज़रा ! निज मन की बात मानकर तो देखो,एक मुट्ठी आसमाँ ज़रा हासिल कर तो देखो। साहस का भाव निभाकर, संयम ह्दय जगाओकरना है जो, कर ही डालो, मंज़िल को पा जाओख़ुद की कमियों को … Read more

तीर्थंकर भगवान महावीर

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘महावीर जयंती’ विशेष… जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर थे भगवान महावीर,५९९वें ईशा पूर्व ग्राम कुंड निकट वैशाली बिहार। महावीर के माता-पिता थे सिद्धार्थ और त्रिशला,तीस की आयु में भगवान महावीर ने संन्यास लिया। भगवान महावीर के बचपन का नाम था वर्धमान,जन्म तिथि चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पारंपरिक मान्यता। भगवान महावीर ने बारह वर्ष … Read more

‘प्रेम’ है साँसों का तराना

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* प्रेम के ढाई अक्षर में समाया पूरा संसार है,प्रेम कोई शब्द नहीं, यह रिश्ते-नातों का संसार हैप्रेम का कोई स्वरूप नहीं, यह एक विश्वास है,निराकार है प्रेम, पर जीवन को करता साकार है। प्रेम एक शक्ति है, प्रेम एक पुंज है,जीवन को खुश कर देने वाला एक कुंज हैप्रेम एक जीत … Read more

सबके दाता भगवन स्वामी

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** ‘महावीर जयंती’ विशेष… जैन धर्म के अंतिम २४वें तीर्थकर रहे स्वामी महावीर,चैत्र शुक्लपक्ष त्रयोदशी को अवतरित थे महावीरमहावीर जयंती जैन धर्म का पर्व है मानते हैं शूरवीर,सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह उपदेशी महावीर। स्वामी महावीर की प्रेरणा धर्म, दया, संयम, रहें सदा ही धीर,पूजा, अभिषेक, गरीबों को दान जो … Read more

वर्द्धमान महावीर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष…. सत्य, अहिंसा का दिया, पावनतम संदेश।हरा एक क्षण में सभी, सारा जीवन क्लेश॥ महावीर ने लोक को, दिया सत्य का ताप।बने प्रखर यूँ रोशनी, कौन सकेगा माप॥ वर्द्धमान गतिशील थे, जीवन का संगीत।मानवता के बन गये, वे तो सच्चे मीत॥ वैशाली के थे कुँवर, सुविधा के भंडार।रीति, नीति … Read more

त्याग का दीप जलाया

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष… राजकुल में जन्म लेकर त्याग का दीप जलाया,भोग-विलास त्याग सत्य का पथ जग को दिखलायाआत्मा की अनुभूति में लीन हुआ वह महायोगी,अहिंसा का अमृत देकर मनुज को देव बनाया। दिगंबर स्वरूप धारण किया माया-जाल मिटाया,अकिंचन भाव से जगत आत्म-दीप जलायापरिधान नहीं, विचार से ही होता जीवन … Read more

प्रभु महावीर आ जाओ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘महावीर जयंती’ विशेष… इन अंधेरों में हमें ‘उजालों’ की चाह है,भटकता है ‘संसार’ में मानव-मनकपाट कषायों में घिरा हुआ, हिंसात्मक बन आदमीऐसे में प्रभु महावीर आ जाओ…। करुणा के सागर, अहिंसा के स्वामी,वर्तमान आपको ‘पुकार’ रहा है,वीर अतिवीर हिंसा के इस दौर को खत्म करोचारों और अधर्म फैल रहा है,ऐसे … Read more

सफ़र में अकेले चलना

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* चल पड़ी हूँ जीवन की,अनजान राहों पर अकेली।पर कभी कभी ये सफ़र,दिल को रुला जाता है। जीवन की इन राहों पर,भीड़ है चलने वालों कीपर भीड़ भरी इन राहों पर भी,मन तन्हा रह जाता है। साथ हो हमसफ़र लेकिन,साथ का एहसास न हो।बातें होती हों रोज मगर,दिल की बातें दिल में रह … Read more