अखंड ज्योति

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* खंडित जो होती नहीं, है अखंड गतिमान।अखंड ज्योति करूँ नमन, तेरा अतुलित ताप॥ सद्चिंतन तजकर हुआ, मानव तो बेआन।अखंड ज्योति करो प्रखर, मानव को गुणवान॥ अखंड ज्योति हरो विपति, सचमुच है अभिराम।माता जी के हैं सदा, नित नूतन आयाम॥ माता की करुणा सदा, उनका पावन नाम।अखंड ज्योति जले सदा, दुर्गा पावन … Read more

पश्चिमी रंग मत डालो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ फैशन की अंधी दौड़ में,बहक रहे युवा पीढ़ी के कदमयहाँ परिधान हमारी भारतीय सोच होती है,इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…। बढ़ो, आगे बढ़ाते रहो अपने कदम,पर अपनी संस्कृति-परम्परा को धूमिल मत करोज़िंदगी में आजाद पंछी की तरह उड़ान भरो,लेकिन इसमें पश्चिमी रंग मत डालो…। पहनावे में संस्कार व सादगी लाओ,अंधे … Read more

स्मृतियाँ अक्सर चुपचाप

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** स्मृतियाँ अक्सर चुपचाप आती हैं,यादों के सपने संजोए हुएकहते हैं-स्मृति अमर होती है,ये पुनर्जन्म का प्रमाण होती है।स्मरण ही स्मृति का आधार है,नहीं तो रिश्ते, पहचान बेजार हैकिसी बात की याद आने पर,हिचकी पर सवार होकर आती स्मृति।इसलिए स्मृतियाँ अक्सर,चुपचाप आती हैं॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई … Read more

संकट हरने आए राम

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* अधर्म का पाप धरा पर फैला,चारों ओर बुरा व्यवहारमाँ धरती ने दुःख सहा,संकट हरने आए मर्यादा पुरुषोत्तम राम। त्रेता युग में राक्षस फैले चारों ओर,त्राहिमाम करती धरा, वेदना हर ओरचैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी लाई नई भोर,प्रकट हुए कृपाला-दीनदयाला, छाया प्रकाश चारों ओर। धरा का संताप तब मिटा,चतुर्दिक फैली नई … Read more

राम जन्म सुखदायिनी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रामनवमी विशेष… आज रामनवमी दिवस, अवध विष्णु अवतार।कौशलेय दशरथ तनय, राम राज सुखसार॥ फैली खुशियाँ अवध में, पुलकित भारत वर्ष।मर्यादित राघव चरित, पुरुषोत्तम संसार॥ दशरथ घर आनन्द है, मंगल गूँजे धाम।जनमे रघुवर राम तब, मुदित अयोध्या ग्राम॥ फैला ब्रह्मानन्द सुख, पुलकित भयो शरीर।राम जन्म की देख छवि, हर्षित भए … Read more

सुख का सागर ‘राम’

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** रामनवमी विशेष… ‘राम’,छवि मनोहारीसुख का सागर,करते कृपा‘राम’। ‘राम’,अपार धैर्यवानमर्यादा पुरुषोत्तम-त्यागी,जगत पिता‘राम’। ‘राम’कर्मशील मानवराजा मानव कल्याण,जग अभिलाषी‘राम’। ‘राम’प्रेम फैलायाझूठे बेर खाए,सिखाया धर्म‘राम’। ‘राम’सदा आज्ञाकारीहर पल मुस्कान,अद्भुत योद्धा‘राम’। ‘राम’सदमार्ग दिखायासदा कल्याण किया,निराली महिमा‘राम’। ‘राम’सबके प्रभुहृदय बसे हनुमानवचन पक्का‘राम’। ‘राम’महिमा निरालीकरे जो स्मरण,तर जाए‘राम’। ‘राम’सदा विनम्रचरण धोकर केवट,शरण पाए‘राम’। ‘राम’चरण रजपद पत्थर अहिल्याबना दिया‘राम’। … Read more

राम नाम की महिमा निराली

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* ‘रामनवमी’ (२६ मार्च) विशेष… राम नाम की ऐसी महिमा,मुझसे कही ना जाएजो राम की महिमा गाए,भव सागर तर जाए। राम के चरण धोकर केवट,राम शरण को पाएराम के पद पड़ते ही पत्थर,नारी अहिल्या बन जाए। राम नाम जपते-जपते,भक्ति में डूब जाएराम को जूठे बेर खिलाकर,शबरी परम पद पाए। राम नाम की ऐसी … Read more

राम अवध में आ गए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘रामनवमी’ विशेष (२६ मार्च)…. कौशल्या की गोद में, हैं बालक श्रीराम।जिनके सँग तो धर्म है, मर्यादा-आयाम॥सबके मन नर्तन करें, बहुत सुहाना पर्व।भक्त कर रहे आज सब, इस युग पर तो गर्व॥सकल विश्व को मिल गया, एक नवल उपहार।राम अवध में आ गए, फैला है उजियार॥ जन्म राम जी का हुआ, मंगल … Read more

राम है मुक्ति प्रदाता

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* ‘रामनवमी’ विशेष (२६ मार्च)… करना तुम विश्वास, राम है मुक्ति प्रदाता।जगती का आधार, सभी के भाग्य विधाता॥असुरों के हैं काल, भक्त की रक्षा करते।कण-कण में हैं व्याप्त, कष्ट सबका ये हरते।। करते हैं विश्वास, राम मर्यादा पालक।चलें न्याय की राह, यही हैं जग संचालक।।सबके हैं आराध्य, राम सबके मन में हैं।सूरत … Read more

हम जीते संस्कृति हर दिन

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘रामनवमी’ विशेष (२६ मार्च)… रामनवमी है मर्यादा पुरुषोत्तम,राम का जन्म दिवस महानदिखलाती है हमारी संस्कृति,की चमकती विरासत पहचान। लोग कहते हैं भारत,की संस्कृति अनमोल हैश्री राम, कृष्ण, बुद्ध और,गुरु नानक की जग जननी है। नवरात्रि के ये नव दिन,माता रानी देती आशीष हर दिनबुराइयों को दूर करती हैं,हम जीते संस्कृति हर … Read more