ईश्वर का उपहार

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… जीवन की शुरुआत है होती,कहते जिसे प्यारा सा परिवारमाता-पिता का साथ है मिलता,समझो है ये ईश्वर का उपहार। जन्म से ही वो परवाह करतेकुछ अनहोनी ना हो, डरतेबच्चों की खुशी की खातिर,अपनी खुशी त्याग भी देते। नि:स्वार्थ और बिना शर्त का,दिल का सच्चा प्यार … Read more

कहर हर आँगन टूटेगा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस)… पेड़ों की हरियाली रोती, सूनी होती जा रही,धरती माँ की कोमल चुनर, धूल में खोती जा रही। नदियाँ थीं जो जीवनदायिनी, अब मैली कहलाती हैं,मानव की लापरवाही से, अपनी पीर सुनाती हैं। कटते वन, उजड़ते उपवन, पक्षी घर को तरस रहे,अपने ही स्वार्थों में … Read more

पर्यावरण का वायुदूत हूँ

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस)…. कवि नहीं मैं काव्य मरघट का, पुराना भूत हूँ, खेत, पेड़, जंगल, वन, पहाड़ से अभिभूत हूँ। पर्यावरण संरक्षण का रक्षक एवं एक दूत हूँ, पेड़ों की कटाई से बेहद क्षुब्द और क्रोधित हूँ। पृथ्वी श्रृंगार व प्रकृति हरियाली से मोहित हूँ, पर्यावरण से छेड़छाड़ … Read more

भारतत्व रस पीता हूँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* साष्टांग प्रणत पल पल ‘निकुंज’ नवगीत मीत मुस्काता हूँ,हूँ शब्द शून्य अहसास विरत, बस शून्य स्वप्न इठलाता हूँ। रचना विलास पाऊँ मिठास, अभिलाष हास बन मैं बन जाता,बस खास पास भारत विकास, कण-कण निज स्वत्व लुटाता हूँ। अरुणिम विभास पौरुष सुवास रनिवास वतन पथ जाता हूँ,उच्छ्वास सदा पूजन वंदन, भारतत्व प्रीत रस पीता हूँ। चहुँ नवविहान उद्भान गान मुस्कान लोकहित बस गाता,प्रमाद त्याग आह्लाद स्वाद भू हरित लसित … Read more

मोल समझ लो…

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* दो जून की रोटी,बड़ी मुश्किल से है आईकड़ी मेहनत की पिता ने,थककर भी न ली अंगड़ाई। खून पसीना बहाकर,जोड़ी पाई-पाईदो जून की रोटी के लिए,हालातों से की लड़ाई। परिवार का करने पोषण,माँ ने बड़ी हिम्मत दिखाईचूल्हे में आग जलाकर,खुशी-खुशी रोटी पकाई। ख़ुद भूखी रहकर,सबको भरपेट खिलाई।किस्मत से मिलती है दो जून की … Read more

बिखरते रिश्ते, सिमटते लोग

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* आज के रिश्ते बिखरने लगे,सभी अपने स्वार्थों में ही लिपटे रहे। लोग अपने आप में सिमटते गए,सभी अपनी खुशी में ही मस्त होते रहे। दुनिया की तरफ देखने से भी सहमते रहे,बस अपने-आपसे ही सम्बन्ध रखते रहे। ऊपर के फ्लैट में कौन रह रहे हैं, नहीं जानते,क्योंकि नाता रखना ही नहीं … Read more

हिम्मत मत हारो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… भविष्य को ‘लक्ष्य’ की और ले चलो,चुनौतियां बहुत है, पर ‘हिम्मत’ मत हारोपूरी ताकत से कर्म पर ‘विश्वास’ करो,क्योंकि हम सभी की ‘प्रेरणा’ हमारे माता-पिता हैं। आत्मविश्वास जब तक रहेगा ‘जीवन’ में,संकल्प शक्ति के साथ ‘आगे’ बढ़ोपरिवर्तन तो ‘संसार’ का नियम … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** लक्ष्य प्राप्त करने में हम पिछड़े ही सदा रहेंगे,काम संवरने वाले भी बिगड़े सदा रहेंगेयदि यही सोचते रह जायेंगे कुछ तो लोग कहेंगे,अपने मन को मार के क्या बेमौत ही नहीं मरेंगे ? लोगों का काम है कहना, इन बातों में क्यों बहना,‘कुछ तो लोग कहेंगे’ लोगों का काम है कहनाजीवन में … Read more

अनोखी व्हॉट्सऐप यूनिवर्सिटी

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* एक अनोखी यूनिवर्सिटी है,जिसकी बड़ी निराली शानन फीस फॉर्म न कोई इंटरव्यू,फिर भी लाखों बनते विद्वान।  न भवन कहीं, न पुस्तकालय,प्रयोगशाला का पता नहींफिर भी छात्र करोड़ों में हैं,नाम है व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी।  मोबाइल पर चलती यह,ग्रुप हैं इसकी कक्षाएंहर अफवाह पर पीएच-डी. होती,पर्सनल मैसेज हैं शोध विभाग।  पहला पीरियड सुप्रभात का,सबको एक … Read more

ब्रह्म को जानने वाला सच्चा ब्राह्मण

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक जून को मनाया जाता है दिवस ब्राह्मण,ब्रह्म को जानने वाला होता है सच्चा ब्राह्मण। कर्म से क्षत्रिय थे भगवान ब्राह्मण परशुराम,भविष्य पुराण में ब्राहण का शर्मा था उपनाम। वेदों धर्म औेर सत्य का ज्ञाता हैं सच्चा ब्राह्मण,शम दम तप क्षमा ज्ञान वाला है सच्चा ब्राह्मण। श्रेष्ठता जन्म से नहीं होती, बल्कि … Read more