डिग्रियों का मेला
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल की शिक्षा जैसे,एक बड़ा-सा मेला हैजहां बिकता है ज्ञान कम,बस डिग्रियों का रेला है। किताबें लगती बोझ अब,नोट्स बने भगवानरटकर जो पूरा लिख पाए,वही बड़ा विद्वान। गुरु भी जकड़े हुए आज,सिलेबस की जंजीरों मेंकिसी तरह बन जाए रिजल्ट कौन पड़े झमेले में ? माता-पिता की बस यही आस,बेटा उनका टॉप कर जाएक्या … Read more