समय इसे भर पाएगा…?
डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* होली विशेष… आज गुलाल में वो लाली नहीं,अबीर में वो खुशबू कहाँ ?हरियाली दूर छूट गई,पीली सरसों टूट गई। पलाश में वो रंग कहाँ ?फाग के गीत मधुर नहींगुजियों की मिठास फीकी लगी,ढोल की थाप धीमी लगे। सजन तुम बिन सब सूना है,प्यार की धुन बुझ-सी गईइस रंग-बिरंगी होली में,मेरा मन … Read more