माँ की थी वह प्यारी
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** माँ की थी वह प्यारी लल्लीनहीं कबूतर चिड़िया बिल्ली,तितली-सी वह घूम के आतीमाँ उसको रहती सहलाती। चीर-हरण एक बार हो गयाकृष्ण न आए मौन सो गया,दु:ख देने वाला था अपनाटूटा उसका सारा सपना। व्यथा हृदय की कही न जाएविकल वेदना बहती जाए,प्रलय मेघ पहचान बन गईमातृ-नेह निर्वाण बन गई। प्रभु मेरे अब … Read more