लकीरें हाथ की
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** लकीरें हाथ की अपनेये मानव खुद सजाता है,ये दोनों हाथ की ताक़तसफल जीवन बनाता है। लिखा है जो लकीरों मेंभाग्य में जो समाया है,उसी के हाथ में सब हैकहानी ख़ुद रचाता है। अपनी शक्ति के बल सेहिमालय पर पहुँचता है,बनाता रेत में गुलशननहीं फ़रियाद करता है। छोड़ पढ़ना भाग्य में लिखी,हाथ की … Read more