संयुक्त परिवार-प्रेम का सागर

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* एक छत एक आँगन,एकसाथ दिलों की धड़कनविश्वास की नींव, प्रेम का सागर,मुस्कुराता है जहां अपनापन। रिश्ते जहां मीठी धुन से,सदा खुले खुशियों के द्वारसुंदर बगिया-सा महकता,सजता है संयुक्त परिवार। दादा-दादी का आशीष,माता-पिता की सच्ची सीखचाचा-चाची का निष्छल स्नेह,संयुक्त परिवार का हैं ये आधार। रिश्तों की डोरी मजबूत,एकता में शक्ति जहां साकारशिक्षा संस्कारों … Read more

फागुन आयो रे…

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* फागुन आयो रे, बौराई क्यारी-क्यारी,महके बाग-बगैयाँ, रंगत छाई न्यारी।ढोलक की थापों में झूमी गैयाँ-नारी-बोल उठी हर डाली, किलकी मारी क्यारी॥ फागुन आयो रे, पिचकारी रंग बरसाए,भीगे चुनर अंचल, साजन मन ललचाए।हँसी की फुहारों से मन का मैल धुलाए-राधा संग श्याम की गलियों में धूम मचाए॥ फागुन आयो रे, सरसों … Read more

शिव मगन होकर नाच रहे

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** शिव जी मगन होकर नाच रहे,भक्तों को शिव पर नाज रहे। गले में पहने साँपों की माला,कानों में बिच्छू कुंडल वाला। और हाथ में डमरू डम-डम बाजे,शिव के तन पर है भस्मी साजे। शिव जी पीकर भंग हुए मतवाला,हलाहल पीकर नीलकंठी वाला। जटा में गंगा कलकल समाए,सिर पर चंदा चक-मक विराजे। हाथ … Read more

फागुन आया देह में…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* फागुन आया देह में, जागी आज उमंग।मन उल्लासित हो गया, फड़क उठा हर अंग॥ फागुन लेकर आ गया, प्रीति भरा संदेश।जियरा को जो दे रहा, मिलने का आवेश॥ फागुन की अठखेलियाँ, होली का पैग़ाम।हर कोई लिखने लगा, चिठिया प्रिय के नाम॥ फागुन की मदहोशियाँ, छेड़ें मीठी तान।हल्का जाड़ा कर रहा, अनुबंधों … Read more

वादा निभाया था मैंने

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** अजनबी को गले से लगाया था मैंने,जो वादा किया वो निभाया था मैंने।प्यार की राह पर घर बसाया कभी-अपना सब कुछ उसी पर लुटाया था मैंने॥ संसार में सब कुछ बस एक सपना है,यहाँ कुछ भी तो नहीं अपना है।जिसके भाग्य में लिखा है जितना-उतना ही तो उसको मिलना है॥

रोटी होती अनमोल

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* रोटी होती गोल-मटोल,सबके लिए होती अनमोलखाकर मीठे बोलें बोल,गाएं गीत, बजाएं ढोल। मेहनत करके खाते रोटी,कोई पतली, कोई मोटीरोटी पर तो दुनिया टिकती,तरह-तरह के मोल में बिकती। माँ के हाथों की रोटी का,स्वाद निराला होता हैअन्नपूर्णा बन घर में बसती,पूजा का फल मिलता है। दूर देश हो या विदेश … Read more

कोई दूत

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** जब कोई नहीं रहता,तब कोई तो होता अपनाबाँटो जब खुशियाँ,खुशियाँ हो जाती दुगनीतब सोचते यदि होते तो,खुशियाँ छू जातीचाँद-तारों को,लेकिन नहीं है मेरे अबमेरे हैं वो महज रिश्ते हैं,फर्ज निभाकर करतेरिक्त स्थान की पूर्ति,ख्याल आतापूछने वाला कोई तो है,जो खुशियों में होताशामिलला देता आँखों मेंपुराने सपने,जो संजोए थे कभीउनकी कमी पूरी … Read more

शिव समान नहीं कोई दूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शिव समान नहीं कोई दूजा, करो नित्य सब उनकी पूजा।शिवजी की तो अति है माया, उनके बल है सबको भाया॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, करो प्रेम से उनकी पूजा।मंगलमय मौसम हैं लाते, भक्त सभी उनके गुण गाते॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, सभी कर रहे उनकी पूजा।औघड़दानी की जय बोलो, … Read more

रगों में भ्रष्टाचार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लहू के बदले,अब बहतामानव की,रगों में भ्रष्टाचार। हर एक सच्चा नर,हरदम सोचेंक्यूँ हुए सब,इतने भ्रष्ट। लहू के बदले,चाहना ले डूबाहर इंसान को,अच्छा-बुरे का भेद मिटाया। दिल ने मजबूर किया,इच्छा ने हैवान बनायाहर इन्सान को पर,मानव समझ न पाया। अपनी नियति,कब क्यूँ और कैसे ?दिल से मजबूर हुए,समझ न पाया मन। मन … Read more

शिव आए ब्याह रचाने

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** शिव आए पार्वती से ब्याह रचाने, संग में भूत-प्रेत बाराती बना लाएपार्वती की तपस्या आज रंग लाई है,उनके मुखड़े पर खुशियाँ छाई है। अब जाकर वो शुभ घड़ी आई है,जब उनके द्वार पर बजी शहनाई हैशिव के गले में नागों की माला,वो तन पर ओढ़े बाघम्बर छाला। मस्तक पर शोभे चंदा चक-मक,जटा … Read more