अपना धर्म निभाते हैं…
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. मेहनत की रोटी खाते हैं,हम पसीना खूब बहाते हैंसबका साथ निभाते हैं,हम गीत खुशी के गाते हैं‘मजदूर दिवस’ हम मनाते हैं…। मकानों की नींव हमसे है,बालू-सीमेंट के गारे हमसे हैहम ही तो ताजमहल बनाते हैं,हाथों में छाले पड़ जाते हैं‘मजदूर दिवस’ … Read more