नई राह दिखलाऊं
ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* मन कुछ कहता है… (‘विश्व इच्छा दिवस’ विशेष)… मन करता है सूरज जैसे,मैं भी प्रकाश फैलाऊंभूले भटके लोगों को,नई राह दिखलाऊं। मन करता है चाँद जैसे,मैं भी शीतलता पाऊंगुस्से पर काबू करना,सबको मैं सिखलाऊं। मन करता है बादल जैसे,मैं भी बरस जाऊंसूखी धरती पर थोड़ी,हरियाली मैं फैलाऊं। मन करता है कोयल जैसे,मैं … Read more