मेरा कान्हा गुलाब का फूल
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** मेरा कान्हा तो है गुलाब का फूल,देखो जब उसके मुख सृष्टि समूल। कान्हा जैसा प्यारा कोई नहीं है,सबके कष्टों को तो सुनता वही है। उसकी प्यारी बाँसुरी की वो धुन,जो भी सुनता हो जाता है मुग्ध। जब वो माखन लिपटाए अपने मुख,देख यशोदा मैया को अपार मिले सुख। गैया चराए मेरा नन्हा-सा … Read more