माँ ही दुनिया
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… ‘माँ’,दुनिया मेरीमाँ का आँचल,कोई नहींतुझसा। ‘माँ’,असीम ऊर्जाहरपल हृदय साथ,तू सृष्टिजगत। ‘माँ’,रूप ईश्वरघर ही मंदिर,माँ चरणतीर्थ। ‘माँ’,सर्वश्रेष्ठ गुरुसिखाती दुनियादारी,जीवन रक्षकआँचल। ‘माँ’,बड़ी बलिदानीकर्ज चुकाना असम्भव।प्रेम मूरत,ब्रह्मांड॥