एक और मजदूर दिवस…
राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… मैं मजदूर, झूठे सपने लिए चलता हूँ,बेबसी और भूख के घर में पलता हूँमौन रहता हूँ, धूप, सर्दी सब सहता हूँ,गरीबी की चादर उधेड़ता हूँ, सिलता हूँ। मेहनत इतनी करता है मजदूर,जब उद्योगपति के घर फूलते-फलते हैं,पसीना बहाता है श्रमिक तब … Read more