रो रहा चमन का माली

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** ग्लेशियर टूटकर गिर रहे हैं, बड़ा हृदय विदारक मंजर है,मलबा बह-बहकर आता है, पानी का प्रवाह भयंकर हैस्वास्थ्य लाभ लेने के लिए जाते थे कभी पहाड़ों पर,प्रकृति का सौंदर्य निरखने को, पैदल जाते थे पहाड़ों पर। अब रोज नए निर्माण हो रहे, होटल बढ़ते जाते हैं,अवैध घुसपैठिए भी गुप-चुप, आकर बसते ही … Read more

सूर्यदेव कृपा बरसती, हरते कष्ट

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मकर संक्रांति विशेष… सूर्यदेव-शनि महाराज की दंत कथा को याद करेंगे आज,पिता सूर्य देव के पुत्र शनिदेव संग अनबन रहे मिजाजक्रूर दृष्टि पितृ अभिशप्त शनि थे, मकर राशि के स्वामी राज,मकर संक्रान्ति पर मिलते हैं पिता सूर्यदेव से शनि महाराज। मकर संक्रान्ति में दोनों की पूजा से होता सुख, … Read more

मेरे दिल में नहीं छल-कपट

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भटक रही हूँ मारी-मारी, तुमको नहीं क्यों खबर हमारी ?राह है न कोई मंजिल, जाना किधर सुध ले लो हमारी। दुनिया भर की तुमको चिंता, मेरे लिए क्यों झोली खाली ?इक नजर हम पर भी डालो, मैं भी तो हूँ ममता की मारी। जिस डाल पर लोग हैं बैठते, उसी डाल पर … Read more

बरसेगी कृपा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** संक्रांति,है महापर्वबरसेगी सूर्यदेव कृपा,याद करेंशनिदेव। शनिदेव,मकर स्वामीसंक्रान्ति मिलते पिता,पूजा करेंसमृद्धि। संक्रांति,हरती पीड़ामिलेगा सुख, उल्लास,दिव्य प्रकाशजीवन। संक्रांति,पुण्य अवसरजन-जीवन बनाएँ,‘विजय दिवस’मास। संक्रान्ति,खुशी पर्वरंग-बिरंगी पतंग।पाएँ आनंद,ज़िंदगी॥

खुशियों की पतंग

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मकर संक्रांति विशेष… मकर संक्रांति में तिल-गुड़ की मिठास,साथ बहन-बेटी व परिवार का बना रहता हैऐसी रंग-बिरंगी हो जाती है ज़िंदगी,क्योंकि यह है खुशियों की पतंग। बच्चों की उमंगता, व्यंजनों की खुशबू से,खुशी का संचार हो जाता है सूर्य के उत्तरायण होने परआसमान में लहराती है कागज की पतंग,क्योंकि यह … Read more

‘संक्रांति’ है खुशी का सन्देश

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मकर राशि में सूरज आया,तिल-तिल दिन को बढ़ना भायासर्दी को अब दूर भगाया,ख़ुशी का यह संदेश लाया। स्नान-ध्यान और पूजा करते,तिल-गुड़, खिचड़ी दान में देतेसंक्रांति तो सभी मनाते,मूँगफली और गजक हैं खिलाते। खेतों में फसल पक जाते,गाँवों में किसान हर्षातेगुड़ और तिल का भोग लगाते,एकसाथ सब मिलकर खाते। उत्तर पथ को चरण … Read more

भारत मैत्री भाव बढ़ा रहा

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ विश्व में चल रही उथल-पुथल,सब अपने-आपकोश्रेष्ठ बताने में लगे हैं,पर भारत आज भी मैत्री भाव बढ़ा रहा है। हमने हाथ बढ़ाना सीखा है,दूसरों से उनका हक नहीं छीनना सीखाजो अभिमानी हैं, उन्हें पता नहीं,यह भारत आज भी मैत्री भाव बढ़ा रहा है। शक्तिशाली बने राष्ट्रों में,आपसी कुंठा व ईर्ष्या भाव … Read more

गिरकर उठना ही ‘सफलता’

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** सफलता ऐसा कोई ताज़ नहीं,जो सिर पर रख दिया जाता हैयह तो वह यात्रा है,जिसे पग-पग पर गढ़ना पड़ता है। सफलता पसीने की बू में बसती है,रातों की नींद वह चुरा लेती हैअसफलताओं की राख से,वह नए स्वप्न सुलगा लेती है। हर ठोकर कभी प्रश्न नहीं बनती,कई बार वह उत्तर होती हैक्योंकि … Read more

धीरज… छोर ना छूटे

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** बस धीरज का छोर न छूटे,लक्ष्य हासिल करें मगर हौसला न टूटेकठिन से कठिन डगर हो,साँसों का बंधन ना टूटे। जग में कई तरह के लोग बसे,अच्छो का साथ कभी ना छूटेबुराई घोलती जीवन में जहर,रिश्तों की नाव ही कुछ ऐसीजहां संबधों का साथ न छूटे। देख लो खुली आँखों से,बस … Read more

चाय गुणकारी, औषधिय पर्याय

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** चाय का अद्भुत है पूर्व इतिहास,चीन से शुरू ४००० वर्ष है खासभारत में अंग्रेजों का चाय इतिहास,बहुत नया २०० साल है परिहास। चाय की गुणवत्ता में भारत है विख्यात,चाय में दूध की मिलावट में भारत प्रख्यातवैसे ! अंग्रेजों ने भारत में लाल चाय की शुरुआत,बंगाली दादा ने बताई चाय … Read more