जिंदगी का मकसद
हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* मुझे ज़िन्दगी का मिला एक मकसद, उसी के सहारे जिए जा रहा हूँ।न चाहत सजाता न उम्मीद करता, मिलें अश्क भी तो पिए जा रहा हूँ। उजाले-अंधेरे सभी हैं बराबर, उमर काटता हूँ समय को बिताकर,बने धूप या छाँव अपने पहर में, उन्हीं से सहारे लिए जा रहा हूँ। तमन्ना … Read more