आज के बच्चे
डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** छुड़ा रहे हैं उंगली मचल- मचल के,ज़िद माँ से कर रहे हैं देखो बहल- बहल के। गिरते हैं, उठते हैं खुद पर ये भरोसा है,चलना वो सीखते हैं खुद ही सम्भल-सम्भल के। बारिश के बुलबुलों को कैसे-कैसे वो पकड़ते हैं,पानी में दौड़ते हैं बच्चे उछल-उछल के। माँ की दुआओं ने … Read more