मुहब्बत में इनायत

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* जरूरत क्या गुजारिश की, इबादत- सी मुहब्बत में।इनायत खुद खुदाई की हुआ करती मुहब्बत में। इबारत क्यों फसानों-सी सुनाते लोग उल्फत में।बिना शिद्दत मिटा करती इल्तज़ा भी मुहब्बत में। दिलों के आशियानों में, बड़ी जागीर होती है,तिजारत क्यूँ दिवानों से हुआ करती मुहब्बत में। बहारें फूल खुशबू से रहें महफूज़ … Read more

बिटिया रानी

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** बिटिया रानी बड़ी सयानी,आँखों में क्यों उसके पानी। पापा की ये राज दुलारी,क्यों रोती है बिटिया प्यारी। अच्छे कपड़े, चप्पल अच्छी,तू कितनी प्यारी-सी बच्ची। नानी के घर बस चलना है,नहीं उसे कुछ सुनना है l मांगें पूरी जब होना है,रोना बंद तभी होना है। हीरे-मोती की लड़ियों जैसी,बेटी होती है … Read more

मिला ही नहीं

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** उम्र-भर जो मुझे मिला ही नहीं।वो बिछड़ कर जुदा हुआ ही नहीं। वक़्त हर ज़ख़्म की दवा है मगर,ज़ख़्मे-दिल अब तलक भरा ही नहीं। जो लिखा था ख़मोशियों ने मेरी,तुमने उसको कभी पढ़ा ही नहीं। ज़िंदगी की किताब से हमको,ग़म मिटाना था पर मिटा ही नहीं। साँस ले जिसमें … Read more

कभी आफ़ताब था…

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** ऐ आसमान मैं भी कभी आफ़ताब था,रुतबा कुछ इस कदर था कि जैसे नवाब था। माहौल कुछ अजीब था, वो थे गुलों के बीच,फूलों के साथ उनपे भी आया शबाब था। नजरें बचा के मुझसे वो जाने कहाँ गए,चेहरा बुझा हुआ था मगर बेहिजाब था। पहले सी यूँ रमक़ नहीं, … Read more

शिकवा नहीं किसी से

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं,न था नसीब में वो हमको मिला नहीं। कर्मों का जिंदगी में कोई मोल ही नहीं।बस कर्म करते जाइए, चाहें सिला नहीं। कितना गुरूर उसको फकत आशियाँ पे था,खंडहर-सा इक मकान था कोई किला नहीं। मझधार में बिछड़ के कुछ ऐसा हुआ है … Read more

फ़र्ज़ निभाते रहो

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** इबादत की किश्तें चुकाते रहो,इबादत में ही दिल लगाते रहो। अपने मकसद को पाना है तो आप भी,जान की अपने बाजी लगाते रहो। रस्ते जीवन के आसां नहीं है मगर,जिंदगी सबकी आसां बनाते रहो। मोहब्बत इबादत का ही रूप है,इस इबादत को दिल में बसाते रहो। दीन-दुखियों की आवाज सुनो … Read more

क्या मिला रूठ जाने में

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** देर करते हो क्यों बुलाने में,क्या मिला तुमको रूठ जाने में। काली जुल्फों के हम असीर हुए,दिल लगाया है कैदखाने में। हक़ व बातिल की जंग में मुझको,डर नहीं मुझको जां से जाने में। आज आँखें तुम्हारी क्यों नम हैं,क्या है ग़म मुझको भूल जाने में। तुम ज़रा ग़ौर से … Read more

जिया करूं तुझे ज़िन्दगी

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* मैं जिया करूं तुझे जिन्दगी, तू मुझे कभी तो करार दे।तू फिज़ां लगे मुझे हर घड़ी, वो चमन सजा जो बहार दे। मैं न जी सका कभी प्यार बिन, तो मुहब्बतों की करूं दुआमैं हवा बनूं बने तू महक, ये दिले जहां को खुमार दे। है हरेक वक्त में कहकशां, … Read more

क्या पाया, क्या खोया!

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** उसको खोकर तो मेरे पास रहा कुछ भी नहीं।ये जिंदगी तुम्हीं से है, ऐसा तो कहा कुछ भी नहीं। भँवरे व तितलियाँ ही अलामत हैं प्यार के,इसके अलावा इजहार-ए-इश्क बचा कुछ भी नहीं। जज्बातों के भँवर में गवांया है दिल का चैन,खोकर सुकून-चैन सहा कुछ भी नहीं। बारिश का है … Read more

ये चाँद-सितारे

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** ये बादल के चाँद-सितारे,नानी के किस्सों से हारे। धूप कड़ी है मत झुलसो तुम,वृद्ध वृक्ष की छाँव पुकारे। जारी सफ़र सदा ही रखना,चींखें ना ये घाव तुम्हारे। जबसे तुमने मुड़ना छोड़ा,राह निहारें गाँव बेचारे। आलिंगन बस करके जाना,जननी तुम पर जीवन वारे। पलक झुकाकर ही रोना,आँसू ना दुनिया से हारे। प्यार … Read more