बरसात अभी आई नहीं
विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ सावन आ चुका, बरसात अभी आई नहीं।नभ में नाद लिये गीतों की बरसात अभी आई नहीं॥ क्या करें मेघ हठी चाँद निकल आता है,घटा पनिहारिनी का रंग बदल जाता है।काली- काली घटा, रूठी बैठी अटा,जैसे चाँद के मुस्काने की वो रात अभी आई नहीं।सावन आ चुका, बरसात…॥ चाँद तो चाँद सितारों ने ज़िद्द … Read more