तुम मेरे क्या हो…
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हाँ, तुम मेरे अपने हो,हाँ, तुम ही मेरा प्रेम होहर सुबह की पहली किरण,हर दिन की पहली शबनम हो। मेरी सुबह की गुड मॉर्निंग तुम,मेरे दिन की पहली बात होअखबार-सी आदत बनकर,हर खबर के साथ हो। वह प्रेम भी कोई प्रेम नहीं,जो मांग कर ठहर जाएजिससे प्रेम हो आत्मा से,उसे प्रेम कहा … Read more