‘विजय दिवस’ है अद्भुत गाथा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** १६ दिसंबर ‘विजय दिवस’ है शौर्य की अद्भुत गाथा,१९७१ भारतीय युद्ध ने तोड़ा पाकिस्तानी सेना का माथाभारत की ऐतिहासिक जीत से हुई पाक की खोपड़ी बाथा,बंगलादेश आज़ाद करा कर तोड़ दी सब बाधा। कड़ी टक्कर, युद्ध, जंग में भारत ने पाक को नाधा,पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने आत्म समर्पण साधा१३ … Read more

अरी यामिनी…मानी गलती

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अरी यामिनी मानी गलती, छोड़ प्रीत मन राग प्रिये,देखो सुरभित मना रही है, रजनीगंधा गुलज़ार प्रिये। मेरी चाँदनी हर आँगन में, तेरा ही नाम लिखे है,नील गगन की हर धड़कन में, तेरा संदेश छिपे है। मैंने तो हर तारा तोड़कर, तेरी सेज सजाई है,ओस-कणों की शीतल हँसी, पलकों पर … Read more

ऋणी भारत वासी सदा सर्वदा

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)…. नमन करते हैं आओ उन्हें,मातृभूमि लिए सहज, मर मिटेऋणी हम, सदा सर्वदा; धरा धन्य,पावन दिवस, शूरवीर धन्य। क्या खोया क्या पाया यहाँ,आज मिला, सब हमें यहाँअमर, शत्-शत् नमन करते हुए,विजय कहलाई, शहीद हुए। न परवाह किए अपनी वे,न परवाह किए अपनों की वेदेश की … Read more

ऐ भारत के वीर सपूत

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)… नमन है अश्रुपूरित नयनों से, ऐ भारत के शूरवीर,तेरी अमर शहादत पर, रोता अम्बर, नदियों का नीर। आज ‘विजय दिवस’ की बेला में, धरती भी हर्षाई है,शौर्य-सूर्य की किरणें देखो, हर दिशा में छाई हैंतूने लहू से सींची माटी, जो चंदन-सा महक रहा है,तेरे … Read more

बचपन के खिलौने

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* खिलौने होते हैं अनमोल,लंबे-लंबे गोल मटोल। टम-टम गाड़ी सरपट दौड़े,ऊँची छलाँग लगाये घोड़े। मिट्टी के ये पीले शेर,आ जाये तो नहीं है खैर। साइकिल, कार, ऑटो चलता,जिसमें सबका सपना पलता। रंग-बिरंगी सुंदर क्रेन,मुन्ना खेले, नहीं है चैन। प्यारी-प्यारी सुंदर गुड़िया,उड़ने की कोशिश में चिड़िया। ढोल बजाए मोटा सेठ,गाना गाये … Read more

मेक-अप ट्रेन का…

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* टेसन पर मैं बैठी सोच रही,हाय, कब आएगी ट्रेन मेरी ?ये क्यों इतना तड़पाती है,जब देखो लेट हो जाती है। किसके कहने पर चलती है,क्या जानकर लेट करती है ?सब कहते हैं चिंता ना करो,मेक-अप बाद में करती है। छह घंटे से लेट है चलती,इतना कितना मेक-अप करती ?इतना मेक-अप तो … Read more

गौरव हमारे सैनिक

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)…. नींद तिरंगे में बसती है,सीमा पर जो सोते नहींहम चैन की नींद ले पाते हैं,क्योंकि जागते हैं वो हर घड़ी। कभी बर्फ पर आशियाना,कभी तपता हुआ रेगिस्तानहर मौसम और हर हाल में,अडिग रहा उनका स्वाभिमान। माँ की ममता घर का आँगन,सपने सुहाने स्नेह का बंधनसब-कुछ पीछे … Read more

घना कुहरा, जीवन ठहरा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** एनसीआर-राजधानी में घना था कुहरा धुँध,ठंडे में सन्नाटा पसरा, प्रदूषित ओस की बूँदतेज रफ्तार थे ट्रक, बस, कारें धुंध ने ली थी आँखें मूंद,एक्स्प्रेस-वे पर दुर्घटना हो गई लड़ी गाड़ियाँ अंधाधुंध। राजधानी एक्सप्रेस में मैं बैठा था आँखें हो गई कुंद,शीत लहर से सभी त्रस्त थे, खेल रहे थे … Read more

फिर अपनापन दिखाना भी बेकार

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हर किसी से, बातें करना भी बेकार है।बेकार पास में बैठना भी बेकार है। शब्द से शब्द मिलते नहीं अगर,फिर तो बात बढ़ाना भी बेकार है। जो किसी के दर्द को मिटा ना सके,ऐसा रिश्ता निभाना भी बेकार है। साथ रहकर भी साथ ना समझ सके,फिर तो साथ बैठना भी बेकार है। … Read more

याद में ठहरे लोग

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* साल जा रहा देकर हमको न, याद में ठहरे लोग,भोले-भाले,साथ निभाते, भले-बुरे सब लोग। स्मृतियाँ कुछ मीठी होतीं, तो कुछ कड़वी होतीं,समय बीतता, पर यादों में, अज़ब-निराले लोग। अरमानों में रंग भरे हैं, तो कुछ अति फीके,हाथ मिलाते, नेह निभाते, प्रीति जताते लोग। कर्म-भाग्य ने मिलकर के ही, परिणामों को सौंपा,मित्र … Read more