घना कुहरा, जीवन ठहरा
आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** एनसीआर-राजधानी में घना था कुहरा धुँध,ठंडे में सन्नाटा पसरा, प्रदूषित ओस की बूँदतेज रफ्तार थे ट्रक, बस, कारें धुंध ने ली थी आँखें मूंद,एक्स्प्रेस-वे पर दुर्घटना हो गई लड़ी गाड़ियाँ अंधाधुंध। राजधानी एक्सप्रेस में मैं बैठा था आँखें हो गई कुंद,शीत लहर से सभी त्रस्त थे, खेल रहे थे … Read more