गर्व है हिंदी भाषा पर

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** विश्व हिन्दी (१० जनवरी) विशेष… गर्व है ऐसी भाषा पर,जिसे विश्व भी स्वीकार करेंगर्व है हिंदी भाषा पर,जिससे देश महान बने। गर्व है ऐसी भाषा पर,जो प्राण न्यौछावर को बतलाएगर्व है हिंदी भाषा पर,जो त्याग भावना को सिखलाए। गर्व है ऐसी हिंदी पर,जो विश्व में सनातन प्रेम फैलाएकरुणा दया जन–जन … Read more

जीवन की पहचान है हिन्दी

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** विश्व हिन्दी (१० जनवरी) विशेष… हिंदी केवल भाषा नहीं, जीवन की पहचान है,जन-जन के हृदय में बसी, भावों की मुस्कान हैमाटी की सौंधी खुशबू, शब्दों में ढली हुई,संस्कारों की उजली धारा, युग-युग से चली हुई। राजमहलों से गलियों तक, इसका ही विस्तार है,लोकस्वर की इस वाणी में, भारत का संसार … Read more

ऋतु-शिशिर

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* ढाने लगा शिशिर , तेज अपने अब तेवरजहाँ तहाँ सुलगने लगे अलाव के जेवरशीत ऋतु का जोर हुआ बदले है आलमसब लपेटना चाहते है रजाई गरमागरम। ताप रहे है सब निर्धन, अलाव के आसपासघेर घेरकर बैठे है, चेहरेपर लेकर अग्निउजासदिन- गरीब की झोपड़ियो में , कपड़े नही पर्याप्तठंड के इस कोहराम … Read more

आशा है बेहतर नया साल मिले

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* ‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)… बहुत ख़ूबसूरत रहा,बीता हुआ सालखुशियों के कुछ पल थे,कुछ दुखों के जाल। खुश रहना सीखा मैंने,चाहे जैसा भी हो हालकुछ खट्टी-मीठी यादें मिली,कुछ प्यार के वादे मिले। कहीं दोस्तों की महफ़िल मिली,कहीं ख़ुद को हम अकेले मिलेकहीं नफरतें झेली हमने,कहीं अपनों के मेले मिले। … Read more

हिंदुत्व के पुरोधा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती (१२ जनवरी) विशेष… कलकत्ता में जन्म लिए प्रतिभाशाली नरेंद्र नाथ जी दत्त,माता भुवनेश्वरी, पिता प्रसिद्ध वकील विश्वनाथ दत्त१२ जनवरी १८६३ मालूम है, जन्म वर्ष शुभ मुहूर्त का वक्त,शिक्षा ज्ञान से अभिभूत होकर बने माँ काली के परम भक्त। प्रेसीडेंसी कॉलेज व स्कॉटिश चर्च कॉलेज से पाई … Read more

कब तेरी मंजिल आ जाए…!

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ज़िंदगी का हर एक पल कीमती है,फिर बरसों की तू क्यों सोचता है ?चार दिन के इस सफ़र में,कब तेरी मंजिल आ जाए, किसे पता..! फिर भी तू क्यों भटक रहा है ?माया-मोह व लालच के फरेब मेंवर्तमान को जी ले आनंद व उल्लास से,कब तेरी मंजिल आ जाए, किसे … Read more

नव वर्ष का उपहार

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ सुमित्रा की आँखों से अश्रुधारा निरंतर बह रही थी, आज वह बेसहारा हो गई थी। नीरा आंटी आज अचानक रात में सोईं तो सोती रह गई। उसके सिर के ऊपर से छत छिन गई थी। उसकी पालनहार आज दुनिया से विदा हो गईं थीं। वह उसे बेटी की तरह मानती थीं, कई … Read more

शिव भज प्यारे

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** शिव शिव शिव शिव शिव शिव शिव शिव,शिव शिव शिव शिव भज प्यारे।माया-मोह को तज प्यारे॥ तू ना तरेगा बिन शिव कह के,कुछ तो सोच-समझ प्यारे।योनि-योनि भटक के मानव,तू बन पाया सच प्यारे॥शिव शिव शिव शिव भज प्यारे… प्रभु-कृपा से नाम मुख निकसे,प्रभु-प्रेम में सज प्यारे।वैभव तज के शिव … Read more

बिजी है फोन

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** आवाज आती है, ट्रिन ट्रिन ट्रिन,घंटी बजती है, फोन बिजी हैपता चलता है, इंसान बिजी है,यही फैशन है, फोन बिजी है। बात नहीं करना, मन नहीं है,दिखावा करना, फोन बिजी हैजरुरत हो तो, हर वक्त हाजिर है,दूसरों की जरूरत, फोन बिजी है। बातों को टालना, नेटवर्क नहीं है,जोर से बोलना, सुनना नहीं … Read more

मेरा मुझमें कुछ नहीं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मेरा मुझमें कुछ नहीं, सब कुछ तेरी माया,साँसों की हर लय में, तेरा ही स्वर छाया।मैं कौन यहाँ स्वामी, तू ही रचयिता है-तू बीज, तू अंकुर, तू ही हरिताया। बंधन कालचक्र का, थामे पग-पग जीवन,मद मोह मरीचिकाएँ, हरती मन का यौवन।लोभ क्रोध की आँधी में, टूटे विश्वास सदा-तेरी कृपा … Read more