लक्ष्य को हासिल करो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** दिन महीना पुराना, साल गुजरा,कुछ खट्टा-मीठा, भूला-बिसरा। आओ मनाएं नया, साल आ गया,कुछ नया करने का मुकाम आ गया। जो गलती हमसे, पहले हो गई,जो भी हमारी, मंज़िल छूट गई। गलती को फिर, से न दुहराना है,छूटी मंज़िल को, फिर से पाना है। सिर्फ कोरा वादा, नहीं करना है,वादा पूरा हो ऐसा, … Read more

महान पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** पद्म विभूषण, महान स्वतंत्रता सेनानी, पर्यावरण आंदोलनकारी,माता पूर्णा देवी एवं पिता अम्बा दत्त बहुगुणा जी थे वन अधिकारीपुत्र ९ जनवरी १९२७ को टिहरी गढ़वाल में जन्मोत्सव की तैयारी,नाम सुंदरलाल बहुगुणा जो आज़ादी के महासंग्राम में सौंपी ज़िंदगी सारी। प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी में कर लाहौर में स्नातक की मिली उपाधि,१३ … Read more

पर्व मनाते हैं

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** संक्रांति मनाते हैं,दिनकर-पूजा करभोग को लगाते हैं। हर प्रांत मनाते हैं,तिल, गुड़, मूँगफलीसब मिल कर खाते हैं। ये नई उमंगें हैं,आसमान भर मेंउड़ रही पतंगें हैं। ये बहुत लुभाती हैं,बड़ी और छोटीमन को सब भाती हैं। मन करता उड़ जाऊँ,संग साथ इनकेहिल-मिल कर कुछ गाऊँ॥

मन नहीं करता

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अब मन नहीं करताकिसी को अपना कहने का,हर रिश्ता अब बेमन-सा लगता हैहर बात कुछ अपरिचित-सी लगती है। अब तो अपनी परछाई भीपराई सी प्रतीत होती है,आईने में अपना ही चेहराधुंधला और थका-थका सा दिखता है। हम भी अबखुद से अनजान हो चले हैं,मन अपना नहीं रहामात्र अपने होने का आभास बचा … Read more

रो रहा चमन का माली

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** ग्लेशियर टूटकर गिर रहे हैं, बड़ा हृदय विदारक मंजर है,मलबा बह-बहकर आता है, पानी का प्रवाह भयंकर हैस्वास्थ्य लाभ लेने के लिए जाते थे कभी पहाड़ों पर,प्रकृति का सौंदर्य निरखने को, पैदल जाते थे पहाड़ों पर। अब रोज नए निर्माण हो रहे, होटल बढ़ते जाते हैं,अवैध घुसपैठिए भी गुप-चुप, आकर बसते ही … Read more

सूर्यदेव कृपा बरसती, हरते कष्ट

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मकर संक्रांति विशेष… सूर्यदेव-शनि महाराज की दंत कथा को याद करेंगे आज,पिता सूर्य देव के पुत्र शनिदेव संग अनबन रहे मिजाजक्रूर दृष्टि पितृ अभिशप्त शनि थे, मकर राशि के स्वामी राज,मकर संक्रान्ति पर मिलते हैं पिता सूर्यदेव से शनि महाराज। मकर संक्रान्ति में दोनों की पूजा से होता सुख, … Read more

मेरे दिल में नहीं छल-कपट

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भटक रही हूँ मारी-मारी, तुमको नहीं क्यों खबर हमारी ?राह है न कोई मंजिल, जाना किधर सुध ले लो हमारी। दुनिया भर की तुमको चिंता, मेरे लिए क्यों झोली खाली ?इक नजर हम पर भी डालो, मैं भी तो हूँ ममता की मारी। जिस डाल पर लोग हैं बैठते, उसी डाल पर … Read more

बरसेगी कृपा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** संक्रांति,है महापर्वबरसेगी सूर्यदेव कृपा,याद करेंशनिदेव। शनिदेव,मकर स्वामीसंक्रान्ति मिलते पिता,पूजा करेंसमृद्धि। संक्रांति,हरती पीड़ामिलेगा सुख, उल्लास,दिव्य प्रकाशजीवन। संक्रांति,पुण्य अवसरजन-जीवन बनाएँ,‘विजय दिवस’मास। संक्रान्ति,खुशी पर्वरंग-बिरंगी पतंग।पाएँ आनंद,ज़िंदगी॥

खुशियों की पतंग

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मकर संक्रांति विशेष… मकर संक्रांति में तिल-गुड़ की मिठास,साथ बहन-बेटी व परिवार का बना रहता हैऐसी रंग-बिरंगी हो जाती है ज़िंदगी,क्योंकि यह है खुशियों की पतंग। बच्चों की उमंगता, व्यंजनों की खुशबू से,खुशी का संचार हो जाता है सूर्य के उत्तरायण होने परआसमान में लहराती है कागज की पतंग,क्योंकि यह … Read more

‘संक्रांति’ है खुशी का सन्देश

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मकर राशि में सूरज आया,तिल-तिल दिन को बढ़ना भायासर्दी को अब दूर भगाया,ख़ुशी का यह संदेश लाया। स्नान-ध्यान और पूजा करते,तिल-गुड़, खिचड़ी दान में देतेसंक्रांति तो सभी मनाते,मूँगफली और गजक हैं खिलाते। खेतों में फसल पक जाते,गाँवों में किसान हर्षातेगुड़ और तिल का भोग लगाते,एकसाथ सब मिलकर खाते। उत्तर पथ को चरण … Read more