सिसक रहे होली के रंग
आशा जाकड़ ‘ मंजरी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *********************************************************** सिसक रहे आज होली के रंग, महंगाई ने कर दिया रंग बदरंग। लाल रंग अब लहू बन के बह रहा, पीत वर्ण कायर बन छुपकर रो रहा। हरी-भरी वसुंधरा अब कहाँ रही ? ऊंची-ऊंची इमारतें आसमाँ छू रही। रह गया बस अब होली का हुड़दंग, महंगाई ने कर दिया … Read more