सिसक रहे होली के रंग

आशा जाकड़ ‘ मंजरी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *********************************************************** सिसक रहे आज होली के रंग, महंगाई ने कर दिया रंग बदरंग। लाल रंग अब लहू बन के बह रहा, पीत वर्ण कायर बन छुपकर रो रहा। हरी-भरी वसुंधरा अब कहाँ रही ? ऊंची-ऊंची इमारतें आसमाँ छू रही। रह गया बस अब होली का हुड़दंग, महंगाई ने कर दिया … Read more

औरत

आशा जाकड़ ‘ मंजरी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *********************************************************** औरत… पराधीनता का है नाम न उसकी कोई पहचान, न अपना कोई काम उसका कुछ अपना नहीं, सोचा हुआ सपना नहीं जन्म से मृत्यु तक अधीन, अन्यथा है वह श्री विहीन है देवी,पूज्यनीया और जननी। जो अपने लिए नहीं, औरों के लिए जीती है आँखों में आँसू लेकर, औरों … Read more