मिले थे जब
डॉ. मेघना शर्मा,बीकानेर(राजस्थान)*************************** काव्य संग्रह हम और तुम से कहीं स्मृतियों के झरोखों कीभीगी संदों से,आती फुहारों में पिघलतीवर्तमान की चट्टानेंऔर,डूबती कभी जलमग्नपरिस्थितियों के लबादे ओढ़ेविचलित ग्रंथियां,हो जाती है आजा़द।अतीत के खंडहरों से,तैरने लगती हैंआसपास,कुछ जानी-पहचानीमगर वीरान हवेलियों केकुंडों से सुसज्जित,द्वारों की सुनहरी झीरीजिसमें से झांकतेएहसास।याद दिला जाते हैं,चाँदी-सी ठंडकऔर,सुकून भरे वो पल…मिले थे जबहम … Read more