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एक सफ़र….

ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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ज़िन्दगी के सफर में, कुछ भूले, कुछ याद रह जाते हैं,
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ जीत कुछ हार जाते हैं
ज़िन्दगी हमारी परीक्षा लेती है, हम समझ नहीं पाते हैं।

ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ हँसते रहते हैं, कुछ रोते रहते हैं,
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ मिल जाते हैं, कुछ छूट जाते हैं
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ साथ होते हैं, कुछ भाग जाते हैं।

ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ सुख- कुछ दुःख मिलता है
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ खट्टी-कुछ मीठी यादें मिलती हैं
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ दोस्त- कुछ दुश्मन मिलते हैं।

ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ यश-कुछ अपयश मिलते हैं,
ज़िन्दगी के सफ़र में, कभी तन्हाई और कभी महफ़िल मिलती है
ज़िन्दगी के सफ़र में, कुछ लाभ कुछ हानि मिलते हैं।

ज़िन्दगी परीक्षा हमारी लेती है, हम समझ नहीं पाते हैं,
ज़िन्दगी है तो सहना होगा, सुख -दुःख हमारा गहना होगा।
नित संघर्ष हमें चमकाता है, फिर भाग्य हमारा इठलाता है॥