राधा गोयल
नई दिल्ली
******************************************
मिलकर नाचें होली में,
आओ हँसी-ठिठोली में।
नफरत की दीवार ढहा दो,
भेद-भाव को दूर भगा दो
मिल-जुल कर सब नाचें गाएं,
री सखी हँसी-ठिठोली में
आओ आज इस होली में।
मिलकर नाचें होली में…॥
बासंती बयार बह रही,
लहर-लहर पुरवइया
सबके दिल को मस्त कर रही,
बहना हो या भैया
झूम-झूमकर खुशी मनाएँ,
आओ आज इस होली में।
मिलकर नाचें होली में…॥
सूरज सबको धूप,
चाँद चाँदनी सभी को देता है
केवल देता ही देता है,
कुछ ना किसी से लेता है
अपने देश की रीत यही है,
इसे निभाएँ होली में।
मिलकर नाचें होली में…॥
खाली हाथी ही आए थे हम,
खाली हाथ ही जाना है
धन-दौलत का गड़ा खजाना,
यहीं पड़ा रह जाना है
प्रेम-प्रीत के रंग लगाएँ,
आज सभी को होली में।
मिलकर नाचें होली में…॥