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वो प्यार, प्यार नहीं

डॉ. कुमारी कुन्दन
पटना(बिहार)
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प्यार है एक रूहानी एहसास,
दिखावे का इसमें चलन नहीं
रोज़-डे, किस-डे, प्रपोज-डे,
अपनी सभ्यता में प्रचलन नहीं।

पति-पत्नी का प्यार अनोखा,
यहाँ हरपल प्यार का होता है
दिल की धड़कन और उमंग,
का कोई खास दिन न होता है।

प्यार मांगता त्याग-समर्पण,
नकली प्यार में नहीं मिलता
जो जबरन डे पर थोपा जाए,
वो प्यार, प्यार नहीं होता।

यौवन को पश्चिम ने मारा,
कितने जन को बर्बाद किया
भद्दापन और अश्लीलता लिए,
झूठे प्यार का इजहार किया।

प्यार को अब व्यापार बनाया,
बाजारों का साम्राज्य बढ़ाया।
जो सीमित था घर के अन्दर,
खुल्लम-खुल्ला रोड पर आया॥