जबलपुर (मप्र)।
हिन्दी विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल कॉलेज (जबलपुर) द्वारा ‘विश्व हिन्दी दिवस’ के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी ‘वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी भाषा, साहित्य और तकनीक’ विषय पर आयोजित की गई। मुख्य अतिथि डॉ. पुष्पिता अवस्थी (पूर्व प्रोफेसर, काशी विद्यापीठ व अध्यक्ष-वैश्विक हिन्दी संगठन, नीदरलैंड्स) एवं मुख्य वक्ता डॉ. संदीप अवस्थी (प्रसिद्ध साहित्यकार, अजमेर) व डॉ. निशा गिरि (यू.ए.ई.) आभासी माध्यम से उपस्थित हुए।
संयोजक प्रो. अरुण शुक्ल (विभागाध्यक्ष हिन्दी) ने कार्यक्रम की रुपरेखा एवं संगोष्ठी के उददेश्य पर प्रकाश डाला। अतिथि डॉ. अवस्थी ने हिन्दी के वैश्विक परिदृश्य में बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया। वक्ता डॉ. अवस्थी ने हिन्दी के विश्व में सम्मानीय स्थान का तथा प्रचार-प्रसार में साहित्य के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। आपने भारतीय मूल के विदेशी लेखकों, कवियों की सक्रियता, श्रेष्ठ कार्य और विदेशों में रोजगार की भाषा के रुप में हिन्दी वर्चस्व की जानकारी दी।
डॉ. गिरि ने मातृभाषा के सम्मान हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग और अवसरों से अवगत कराया। तकनीकी सत्र में लगभग २० शोध पत्रों का वाचन किया गया। प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में भाषाई विविधता पर प्रकाश डालते हुए इसके शुद्ध प्रयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. तृप्ति उकास (सह संयोजक) ने किया। आभार श्रीमती लल्ला बाई लोधी ने माना।