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कई रचनाकार ‘लघुकथा सेवी सम्मान’ से अलंकृत

सिरसा (हरियाणा)।

प्रादेशिक हिंदी साहित्य सम्मेलन (सिरसा) में आयोजित लघुकथा सम्मेलन में इंदौर (मप्र) से डॉ. पुरुषोत्तम दुबे, बलदेव सिंह कौशिक, संतोष सुपेकर, अंतरा करवड़े और डॉ. वसुधा गाडगिल को लघुकथा विधा के विकास और संवर्धन हेतु ‘लघुकथा सेवी सम्मान’ से अलंकृत किया गया। यहाँ विविध सत्रों में पुस्तक लोकार्पण व सत्राध्यक्षों के सम्मुख लघुकथाकारों द्वारा लघुकथा पाठ भी किया गया।
डॉ. गाडगिल ने बताया कि सिरसा के इस हरियाणा लघुकथा सम्मेलन में ब्रह्म मुहूर्त में डॉ. शील कौशिक रेल्वे स्टेशन पर हमारे आगमन पर स्वागत हेतु उपस्थित थीं। उनकी कोठी पर मेजर शक्ति राज स्वागत और चाय-पान के लिए तत्पर थे। वहाँ से हम लोग सम्मेलन स्थल बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे। निर्धारित समय और सुव्यवस्थित संसाधनों के साथ सम्मेलन प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में माँ वीणापाणी के सम्मुख दीप प्रज्वलन के पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। इस सत्र में सम्मान समारोह एवं पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। योगराज प्रभाकर, डॉ. नैबसिंह मंडैर तथा अन्य लघुकथा मनीषियों द्वारा गहन समीक्षा की गई। डॉ. दुबे द्वारा लघुकथा के आयाम और सर्जना पर महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया गया । डॉ. रामकुमार घोटड एवं डॉ. राम निवास मानव जैसे मूर्धन्य साहित्यकारों को सुनना-गुनना सार्थक रहा। वरिष्ठ साहित्यकार रूप देवगुण के मार्गदर्शन और डॉ. शील कौशिक के नेतृृत्व में डॉ. हरीश सेठी, आरती बंसल के सफल संचालन में सभी सत्र कसावट लिए हुए थे।