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झीलों की नगरी में प्रतिभावान साहित्यकार पुरस्कृत

भोपाल (मप्र)।

अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच का १२ वां राष्ट्रीय सम्मेलन एवं २५वां हेमंत स्मृति कविता सम्मान समारोह शनिवार को भोपाल के ला पर्ल होटल में आयोजित किया गया। इसमें ३ सत्रों में बहुमुखी प्रतिभावान साहित्यकार पुरस्कृत किए गए।
आरंभ दीप प्रज्वलन एवं महिमा श्रीवास्तव वर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच की संस्थापक अध्यक्ष और वरिष्ठ लेखिका संतोष श्रीवास्तव ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल में स्वागत की परंपरा अतिथियों के चरण पखार कर की जाती है। मैं अपने शब्दों के जल से यह कार्य कर रही हूँ। समारोह में हेमंत फांउडेशन की संस्थापक सचिव डॉ. प्रमिला वर्मा ने ‘हेमंत’ का परिचय दिया। संस्था का परिचय प्रदेशाध्यक्ष शेफालिका श्रीवास्तव ने दिया तो निर्णायक उद्बोधन उपाध्यक्ष डॉ. नीलिमा रंजन ने दिया।
इस सत्र में देश-विदेश से चयनित साहित्यकारों को साहित्य की विभिन्न विधाओं, कला, पर्यावरण और समाज सेवा के क्षेत्रों में सम्मानित किया गया। श्रीमती रूबी मोहंती (हेमंत स्मृति कविता सम्मान), डॉ. अलका अग्रवाल सिगतिया, श्रीमती शकुंतला मित्तल, डॉ. विद्या सिंह, डॉ. रानी श्रीवास्तव, सुनील दुबे, विवेक रंजन श्रीवास्तव, शंकारानंद, श्रीमती कुसुम भट्ट, रजनी गुप्त, श्रीमती जया आर्या, श्रीमती एकता व्यास, श्रीमती रत्ना पांडेय, सुश्री आशा सिंह गौर, देवेंद्र श्रीवास्तव एवं बद्र वास्ती को प्रतीक चिन्ह और पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया ।
अलंकरण सत्र की अध्यक्षता पद्मश्री कैलाश चंद्र पंत ने करते हुए पुरस्कृत साहित्यकारों को आशीर्वचन दिए। मुख्य अतिथि प्रेम जनमेजय ने कहा, कि ऐसे समय में जब सम्मान विपरीत अर्थ दे रहा हो, सम्मान समारोह का आयोजन बड़े जोखिम का काम है। विशिष्ट अतिथि राम स्वरूप दीक्षित ने कहा, कि आज

बिना किसी संसाधन और सरकारी या गैर सरकारी सहायता के ऐसा राष्ट्रीय आयोजन कर ले जाना बहुत मायने रखता है। साहित्य और समाज के लिए काम करने वाले लोगों को पुरस्कृत करना इसे बहुउद्देशीय और बहुअर्थी आयोजन बनाता है।
जीवंत वक्तव्य से संचालन करते हुए संस्था महासचिव मुजफ्फर इक़बाल सिद्दीकी ने समा बांधा। धन्यवाद ज्ञापन जया केतकी ने किया।
द्वितीय लघुकथा सत्र की अध्यक्षता श्रीमती कांता राय ने की। मुख्य अतिथि डॉ. शरद सिंह, विशिष्ट अतिथि वन्या जोशी एवं डॉ. क्षमा पांडेय रहे। गोकुल सोनी, डॉ. विद्या सिंह, शकुंतला मित्तल, सुश्री मृदुल त्यागी एवं ऋचा शर्मा आदि ने लघुकथा पाठ किया। सत्र का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन साहित्यकार घनश्याम मैथिल ने किया।
तीसरे और अंतिम कविता सत्र के मुख्य अतिथि संजीव कुमार, इकबाल मसूद एवं संजय सक्सेना रहे। सारस्वत अतिथि के तौर पर कर्नल डॉ. गिरिजेश सक्सेना ने मंच को सुशोभित किया। इस सत्र में कविताओं, ग़ज़ल और गीतों के निर्झर मुग्ध भाव से झरे। कविता सत्र में सुश्री आशा सिंह गौर, विजयकांत वर्मा, साकेत सुमन चतुर्वेदी, डॉ. रत्ना पांडेय व अशोक व्यग्र आदि ने कविता पाठ किया। प्रतिभागिता करने वाले रचनाकारों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
सत्र का संचालन डॉ. विनीता राहुरीकर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रानी सुमिता ने किया |