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निदेशक डॉ. विकास दवे एवं लघुकथाकार मुकेश तिवारी सम्मानित

भोपाल (मप्र )।

सोमवार की शाम को भोपाल में अंतरराष्ट्रीय आरिणी साहित्य समागम-२०२२ का आयोजन किया गया। इसमें लघुकथा संग्रह ‘उन्मेष’ के विमोचन के बाद लघु कथाकारों को ‘आरिणी उन्मेष सम्मान-२०२२ दिया गया।
मंच पर अतिथि के नाते साहित्य अकादमी (मध्यप्रदेश) के निदेशक डाॅ. विकास दवे की मौजूदगी रही। हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन (भोपाल) ने यह आयोजन दुष्यंत कुमार स्मारक, पांडुलिपि संग्रहालय में किया। इसके अंतर्गत सम्मान समारोह, पुस्तक विमोचन एवं ‘वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी’ विषय पर व्याख्यान हुआ। अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. दवे ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की सार्थकता इस पर निर्भर करती है कि, वह लोगों को हिन्दी के प्रयोग के लिए कितना प्रोत्साहित कर सका है। आज जब हिन्दी दिवस की जगह हिन्दी मास मनाने का चलन चल पड़ा है, तब आवश्यकता है कि हम पूरे वर्ष को ही हिन्दी वर्ष की तरह मनाएं। मुख्य अतिथि अभिनेता एवं पत्रकार कपिल कुमार (बेल्जियम) और विशेष अतिथि रमा शर्मा पूर्णिमा (जापान) के साथ मंच पर जर्मनी के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाॅलिस्टिक रिसर्च एंड वाॅलिन्ट्री एक्शन की मारला ईमरल और वरिष्ठ साहित्यकार व सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी डॉ. कमल टाॅवरी (नोएडा) भी मौजूद रहे।
‘उन्मेष’ में लघुकथाओं, लघुकथा के सशक्त हस्ताक्षर रचनाकारों के लघुकथा संबंधित लेख भी शामिल हैं। इसका सम्पादन डॉ. मीनू पाण्डेय ‘नयन’ नेे किया है।
आयोजन में डाॅ. दवे, कपिल कुमार, रमा शर्मा, मारला ईमरल एवं डॉ. टाॅवरी को अन्तरराष्ट्रीय आरिणी साहित्य सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में लघुकथाकार-मुकेश तिवारी (इंदौर,मप्र), कल्पना विजय, जया आर्य, डॉ. रंजना शर्मा, कान्ता रॉय, गोकुल सोनी एवं डॉ. साधना शुक्ला को भी सम्मानित किया गया। संचालन वरिष्ठ लेखक गोकुल सोनी ने किया।