पत्नी
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** रात के ११ बज गए थे। गायत्री किचन में बर्तन धो रही थी, महिम अपने बिस्तर पर लेटा हुआ करवटें बदल रहा था। वह मन ही मन में सोच रहा था, कि मेरी पत्नी को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। सुबह के ५ बजे की उठी हुई अभी भी लगी हुई है। बेचारी … Read more