याद रखो – जहाँ चाह, वहाँ राह
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नगर का नाम था ‘सुविधापुर’, पर वहाँ सुविधाएँ केवल नेताओं और अफसरों की जेब में रहती थीं। आम आदमी तो ‘आसमान से गिरा, खजूर में अटका’ जैसी हालत में जी रहा था। चुनाव आते ही नेता ‘मुँह में राम, बगल में छुरी’ लेकर गलियों में उतरते, बड़े-बड़े वादे करते … Read more