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फागुन आया

निशा निइ्क ‘ख्याति’
दिल्ली

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अब तो फागुन आया पिया
इश्क़ का रंग लगा दे मुझे,
अम्बिया पे चढ़ गये मंजर
वो इश्क़ का जाम पी आया।
क्यों इस क़दर तूने मुझे सताया
क्यों इतना बेपरवाह दिखाया,
जब जाती हूँ खेतों से
अहरारी भी हँसती है।
ले के फूल मोहबत के
खुद पे इतराती है,
गिरा के मुझको हवा के झोंके से
फिर वो हँसती है।
कैसे कहूँ तुमसे ये दास्तां
वो फागुन पे अकड़ती है,
ना अम्बिया था मेरा
ना अहरारी थी मेरी।
ना अम्बिया का मंजर दिखा मुझे
ना अहरारी के फूल दिखे मुझे,
इस फगुन में पिया
दिखी तो बस तेरी बेपरवाही।
अब तो फागुन आया पिया
इश्क़ का रंग लगा दे मुझे…॥

परिचय–साहित्यिक उपनाम ‘ख्याति’ रखने वाली निशा निइ्क की जन्म तारीख २० अगस्त १९९६ और जन्म स्थान-बारा-गुरूआ(गया जिला)है॥ बिहार राज्य की निवासी सुश्री निशा फिलहाल दिल्ली में बसी हुई हैं। भाषा ज्ञान-हिन्दी,अंग्रेजी एवं मग्घी का है। आप ब्लॉग सहित सामाजिक मीडिया में लेखन में सक्रिय हैं। लेखन विधा-स्वच्छंद है।