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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जनता से भाषाई भेदभाव करने पर लोक शिकायत

रायसेन(मध्य प्रदेश)।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जनता से भाषाई आधार पर भेदभाव करने पर लोक शिकायत की गई है।

महोदय,
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा भारत की जनता से भाषाई आधार पर भेदभाव किया जा रहा है,सभी सुविधाएँ अंग्रेजी जानने वाले ५ प्रतिशत नागरिकों को ध्यान में रखकर दी जा रही हैं,देश की ९५ प्रतिशत जनता की लगातार अनदेखी की जा रही है-
⚫प्राधिकरण द्वारा आधार सेवा केंद्रों पर अंग्रेजी भाषा को ही प्राथमिकता दी जा रही है। राजभाषा नियमावली १९७६ के नियम ११ का उल्लंघन करते हुए इन केन्द्रों पर सभी नामपट,स्टेशनरी-रबर की मुहरें,छपे फार्म आदि केवल अंग्रेजी में तैयार करवाए जाते हैं।
⚫देश के किसी आधार सेवा केन्द्र पर नियमानुसार (हिन्दी-अंग्रेजी एकसाथ) छपे फार्म नहीं रखवाए जाते हैं।
⚫आधार की निवासी वेबसाइट
(http://resident.uidai.net.in/)पूरी तरह से अंग्रेजी में है। कृपया हिन्दी में उपलब्ध करवा दीजिए,ताकि हम गाँवों में रहने वाले भी इनका उपयोग कर सकें।
⚫आधार सम्बन्धी ई-मेल एवं अधिप्रमाणन के संदेश केवल अंग्रेजी में भेजे जाते हैं।महानगरों को छोड़कर अन्य छोटे शहरों एवं गाँवों के लिए इनको (एसएमएस) न तो पढ़ पाते हैं,न ही समझ पाते हैं। यह अन्याय है।
⚫करोड़ों लोगों को ऐसे आधार कार्ड जारी किए जा रहे हैं,जिन पर हिन्दी-स्थानीय भाषा में विवरण छापा ही नहीं जाता है।
आधार की सभी सुविधाएँ सिर्फ अंग्रेजी में होने से आम जनता को बहुत कठिनाई हो रही है,इन सभी को राजभाषा हिंदी एवं देशी भाषाओं में उपलब्ध करवाने निर्देश जारी करें।

भवदीय
अभिषेक कुमार,
जिला रायसेन(मध्य प्रदेश)
(सौजन्य:वैश्विक हिंदी सम्मेलन,मुंबई)

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