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मानो सच भगवान इस रोटी को

गुरुदीन वर्मा ‘आज़ाद’
बारां (राजस्थान)
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करो नहीं बर्बाद तुम,ऐसे इस रोटी को।
मानो सच भगवान तुम,यारों इस रोटी को॥

इतनी मेहनत यह इंसान,करता है किसके लिए,
इतनी दुआयें ईश्वर से हम,करते हैं किसके लिए।
कोई मजदूरी,नौकरी,कोई करता है व्यापार,
करता है कोई व्याभिचार,रोटी यह पाने के लिए।
करो नहीं बर्बाद तुम…॥

हर किसी की जान बसी है,यारों इस रोटी में,
बहुत ताकत-इज्ज़त है,यारों इस रोटी में।
दुनिया में होते हैं युद्ध,यारों रोटी के लिए,
टूट जाते हैं रिश्तें भी,यारों इस रोटी में।
करो नहीं बर्बाद तुम…॥

बनता है कोई भिखारी,पाने को यह रोटी,
करता है कोई चोरी-हत्या,पाने को यह रोटी।
बेच देता है ईमान-धर्म,रोटी के लिए इंसान,
तड़पता है जीने के लिए,पाने को यह रोटी।
करो नहीं बर्बाद तुम…॥

परिचय- गुरुदीन वर्मा का उपनाम जी आज़ाद है। सरकारी शिक्षक श्री वर्मा राजस्थान के सिरोही जिले में पिण्डवाड़ा स्थित विद्यालय में पदस्थ हैं। स्थाई पता जिला-बारां (राजस्थान) है। आपकी शिक्षा स्नातक(बीए)व प्रशिक्षण (एसटीसी) है।इनकी रूचि शिक्षण,लेखन,संगीत व भ्रमण में है। साहित्यिक गतिविधि में सक्रिय जी आजाद अनेक साहित्य पटल पर ऑनलाइन काव्य पाठ कर चुके हैं तो अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। प्रकाशित पुस्तक ‘मेरी मुहब्बत’ साहित्य खाते में है तो कुछ पुस्तक प्रकाशन में हैं।

 

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