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शब्द

गरिमा पंत 
लखनऊ(उत्तरप्रदेश)

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शब्द मौन है,
शब्द ही हँसाते हैं,
शब्द ही रुलाते हैं
शब्द ही हमें बोलना सिखाते हैं।
शब्दों से ही हम किसी के दुश्मन बनते हैं,
शब्दों से ही हम किसी के मन में बनते हैं।
शब्द ही तो है जो हमे गर्त में ले जाते हैं,
शब्द ही हैं जो हमें गर्त से बचाते हैं।
शब्द भगवान से मिलाते हैं,
शब्द पापा का आशीर्वाद है
शब्द माँ का प्यार है,
शब्द दोस्तों का लाड़ है
शब्द भाई-बहनों का प्यार है।
शब्द स्वर्ग का रास्ता है,
शब्द ही आधार है।
तो ऐ मेरे दोस्तों,
शब्दों को बोलने से पहले कुछ तो सोचो…
शब्दों से किसी का दिल मत तोड़ो,
शब्दों से प्यार भरा दिल जोड़ोll

परिचय-गरिमा पंत की जन्म तारीख-२६ अप्रैल १९७४ और जन्म स्थान देवरिया है। वर्तमान में लखनऊ में ही स्थाई निवास है। हिंदी-अंग्रेजी भाषा जानने वाली गरिमा पंत का संबंध उत्तर प्रदेश राज्य से है। शिक्षा-एम.बी.ए.और कार्यक्षेत्र-नौकरी(अध्यापिका)है। सामाजिक गतिविधि में सक्रिय गरिमा पंत की कई रचनाएँ समाचार पत्रों में छपी हैं। २००९ में किताब ‘स्वाति की बूंदें’ का प्रकाशन हुआ है। ब्लाग पर भी सक्रिय हैं।