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‘स्नेह की डोर’ से प्रथम विजेता बने ललित गर्ग व बोधनराम निषादराज ‘विनायक’

स्पर्धा में प्रो. शरद नारायण खरे और तारा चन्द वर्मा ‘डाबला’ ने पाया दूसरा स्थान

इंदौर (मप्र)।

मातृभाषा हिंदी के प्रचार की दिशा में हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा अगस्त में ५२ वीं स्पर्धा ‘स्नेह की डोर…’ विषय पर आयोजित की गई। इस भव्य-पारिवारिक स्पर्धा में ललित गर्ग व बोधनराम निषादराज ने सबको पराजित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। द्वितीय विजेता
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे एवं ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’ रहे हैं।
मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने यह जानकारी दी। आपने बताया कि, १ राष्ट्रीय कीर्तिमान, १.५० करोड़ दर्शकों-पाठकों का अपार स्नेह एवं ७ सम्मान पाने वाले इस मंच द्वारा आयोजित रक्षाबंधन विशेष उक्त स्पर्धा में श्रेष्ठता अनुरुप निर्णायक मंडल ने पद्य वर्ग में बोधनराम निषादराज ‘विनायक’ (छग) को प्रथम तथा ताराचन्द वर्मा (राजस्थान) को द्वितीय विजेता घोषित किया है। इसी वर्ग में तीसरा स्थान हेमराज ठाकुर (हिमाचल प्रदेश) ने पाया है।
श्रीमती जैन ने बताया कि, गद्य वर्ग में दिल्ली वासी रचनाशिल्पी ललित गर्ग ने पहला स्थान पाया है। इसी वर्ग में प्रो. खरे (मध्यप्रदेश) को दूसरा एवं डॉ.अरविन्द जैन (मध्यप्रदेश) को तृतीय विजेता बनने का अवसर मिला है।
मंच की संयोजक डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम. एल. गुप्ता ‘आदित्य’, सरंक्षक डॉ. अशोक जी (बिहार) एवं प्रचार प्रमुख श्रीमती ममता तिवारी ‘ममता'(छग) ने सभी विजेताओं व सहभागियों को हार्दिक बधाई-शुभकामनाएँ दी है।

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