‘मैं’ की मैली खान
डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** जब तक उर में है बसी, मैं की मैली खान।आयेंगे तब तक नहीं, इस उर में भगवान॥इस उर में भगवान, जहाँ मैं मर जाता है।वो पावन भगवान, वहीं घर कर जाता है॥कह ‘सागर’ कविराय, भज ले राम तू तब तक।न मरे अपावन मैं, हृदय में … Read more