कुल पृष्ठ दर्शन : 243

You are currently viewing हिंदी का सौन्दर्य

हिंदी का सौन्दर्य

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
**********************************

सरलीकरण न हो ऐसा,
भाषा पर आघात पड़े
मातृभाषा पर अभिमान बहुत है,
हम सबकी अभिलाषा जगे।

यह स्वतन्त्र राष्ट्र की शोभा है,
अपने वतन से प्यार का गुण
विश्व गुरु थे तब भी हम,
आज उसी राह को चलें हम चुन।

हिंदी का है सौन्दर्य अनूठा,
हमको है खूब दिल से प्यार।
भारतीयता की पहचान यही है,
सब कहते हैं इसको त्योहार।

राष्ट्र प्रेम और भाषा प्रेम है,
दोनों यहां है जुड़वां बच्चे
भारतीय आन-बान और शान यहां से,
तब हम कहलाते हैं देश में सच्चे।

फ्रांस के लोगों का है एक भाव,
अपने देश की भाषा है प्यारी
नहीं रहे अगर यह सम्मान तब,
हम कहते हैं बर्बर दुःखदारी।

अतीत का इतिहास बताता,
बेल्जियम के थे एक युगावतार
हिंदी जगत में अवतरित हुए,
बन गए हिंदी जगत में जन-जन के प्यार।

हिकारत की शिकार अभी भी,
यह है हिंदी का अपमान
प्रेम और सौहार्द बनाए रखने,
हिंदी भाषा मांगे युग सम्मान।

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं है,
समृद्ध विरासत और पहचान
अस्मिता का भाव छिपा है,
सुंदर भारतीय संस्कृति की पहचान।

स्वभाषा व स्वबोध के बल पर,
खूब मिलता है जग में सम्मान
श्रेष्ठ भारत की नींव इसी पर,
बनेगा उन्नत देश वृहद व महान।

संकल्प से सिद्धी विचार है उत्तम,
यह देता है दुनिया में उच्च स्थान
प्रण का भाव जमाकर दिल से,
सदैव दें हिंदी को सबसे उच्च स्थान।

गांधी थे एक अवतार युगपुरुष,
हिंदी भाषा को दिया खूब सम्मान।
हिंदी-देशी भाषा का जब जहां अनादर,
कहलाए यह नीति राष्ट्रीय आत्महत्या समान॥

परिचय–पटना (बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता, लेख, लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम., एम.ए.(अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, इतिहास, लोक प्रशासन व ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी, एलएलएम, एमबीए, सीएआईआईबी व पीएच.-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन) पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित कई लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं, जिसमें-क्षितिज, गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा) आदि हैं। अमलतास, शेफालिका, गुलमोहर, चंद्रमलिका, नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति, चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा, लेखन क्षेत्र में प्रथम, पांचवां व आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

Leave a Reply