कुल पृष्ठ दर्शन :

कल्पकथा काव्य गोष्ठी में उड़ी हास्य की फुहार, व्यंग्य के तीर

पानीपत (हरियाणा)।

कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा २३७वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी आयोजित की गई, जो हास्य व्यंग्य के हँसगुल्लों का गुलदस्ता सिद्ध हुई। इसमें मुख्य अतिथि मेघा अग्रवाल रहीं।
संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में हर सृजनकार ने अलग रंग बिखेरा और हर पंक्ति ने श्रोताओं को ठहाके लगाने पर विवश कर दिया।अध्यक्षता रीवा के वरिष्ठ साहित्यकार सी.एल. दीवाना ने की। नागपुर से मुख्य अतिथि मेघा अग्रवाल ने अपने विचारों से वातावरण में चार चाँद लगा दिए। शुभारंभ संस्थापक राधाश्री शर्मा द्वारा गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से किया गया। उनकी मधुर वाणी के पश्चात् काव्यपाठ का सिलसिला शुरू हुआ और एक से बढ़कर एक रचनाओं ने श्रोताओं को हँसी के फव्वारे में भिगो दिया। बिनोद कुमार पाण्डेय ने व्यंग्य रचना ‘तुम हो गए हो रिटायर’ से माहौल को गुदगुदाया, तो डॉ. श्याम बिहारी मिश्र ने काव्य रचना ‘नेता देते धोखा, और महिलाओं में प्रेम’ के माध्यम में आयोजन को विविधता दी।
अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने विवाह संस्कार में छायांकन के नाम पर टूटती परम्पराओं के प्रति व्यंग्य शैली में आक्रोश प्रदर्शित किया।पवनेश मिश्र ने सामाजिक जीवन में दोहरे चरित्र पर व्यंग्य किया। ऐसे ही विष्णु शंकर मीणा, रमेश चंद्रा गौतम, नंदकिशोर बहुखंडी, सुनील कुमार खुराना, आत्म प्रकाश कुमार, ज्योति प्यासी, राधाश्री शर्मा आदि ने भी काव्य रचनाओं से हँसी की गंगा बहाई। आयोजन में बिनोद कुमार पाण्डेय द्वारा राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम’ का गायन किया गया

मंच संचालन आशुकवि भास्कर सिंह ‘माणिक’ ने चुटीली शैली से किया। सभी का आभार पवनेश मिश्र ने प्रकट करते हुए साहित्य की सेवा के संकल्प को दोहराया।