भोपाल (मप्र)।
लघुकथा शोध केंद्र समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की लघुकथा प्रतियोगिता ‘बढ़ते कदम’ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से कुल ३०६ प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रथम पुरस्कार (२१०० ₹) ‘अपनी जमीन से कटना’ के लिए डॉ. रमेश (मुम्बई) को दिया जाएगा।
समिति की अध्यक्ष कांता राय द्वारा दी गई जानकारी अनुसार प्राप्त लघुकथाओं का मूल्यांकन अनुभवी एवं सम्मानित निर्णायकों द्वारा गंभीरता और निष्पक्षता के साथ किया गया। निर्णय के अनुसार द्वितीय पुरस्कार (११०० ₹) ‘अंतर्नाद’ के लिए शील कौशिक (सिरसा, हरियाणा) को एवं तृतीय पुरस्कार (५०१ ₹) हेतु ‘जिंदा’ राम करन (बस्ती, उ.प्र.) को चयनित किया गया है।
आपने बताया कि सांत्वना पुरस्कार के लिए ‘जीवन का सन्नाटा’ (विनीता राहुरीकर, भोपाल), ‘खिड़कियाँ’ (आरती सिंह ‘एकता’, नागपुर) व ‘स्मृतिदंश’ (मुकेश कुमार मृदुल, वैशाली) रचना को चुना गया है। समिति ने सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए अवगत कराया है कि सभी पुरस्कार ८ मार्च २०२६ को सायं ४ बजे हिंदी भवन (११, विष्णु दिगम्बर मार्ग (राउज एवेन्यू), मंडी हाउस) नई दिल्ली में ‘बढ़ते कदम’ अखिल भारतीय लघुकथा पर्व के अवसर पर दिए जाएंगे।