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ज्ञान का प्रकाश

हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
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ज़िंदगी एक वसंत… (वसंत पंचमी विशेष)….

जीवन में साधना व सफलता के लिए,
हम राह से नहीं भटकें कभी भी
ऐसा विश्वास बनूं मैं, मन कभी ना भटके,
अज्ञानता का मिटे अंधेरा
माँ शारदे हमें ज्ञान का प्रकाश दो।

मनन की गहराईयों से चिंतन में चित लगे,
कभी टूटे ना यहाँ हमारा विश्वास
तभी तो मिलेगा हमें उजालों भरा आकाश,
ध्यान और एकाग्रता में हमारा मन लगे
माँ शारदे हमें ज्ञान का प्रकाश दो।

ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए ज्ञान जरूरी है,
माँ शारदे आप करती हो अन्धकार का नाश।
हम पढ़ें, सबको पढ़ाएँ ज्ञान का पाठ,
तभी तो बनेगा सतरंगी आकाश फैलेगी चारों ओर सकारात्मकता की लालिमा,
माँ शारदे हमें ज्ञान का प्रकाश दो॥