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नई पीढ़ी को भाषा पर अधिकार रखना चाहिए-प्रो. सिंह

उज्जैन (मप्र)।

नई पीढ़ी को भाषा पर अधिकार रखना चाहिए। अपने विषय को दूसरे विषयों के साथ जोड़ कर हम और आगे बढ़ सकते हैं। इनमें प्रयोजनमूलक हिंदी, पत्रकारिता, साक्षात्कार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इत्यादि शामिल हैं।
यह बात मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. अशोक सिंह ने श्री नरेश मेहता का स्मरण करते हुए अपने वक्तव्य में कही। अवसर रहा सम्राट विक्रमादित्य विवि (उज्जैन) में प्रख्यात कवि एवं कथाकार नरेश मेहता की जयंती के अवसर पर उनके साहित्यिक योगदान पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का। हिंदी अध्ययनशाला एवं प्रेमचंद सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता सम्राट विवि के कुलानुशासक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रकाश उपाध्याय, प्राचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह, प्रो. जगदीश चंद्र शर्मा, और पीठ के निदेशक मुकेश जोशी ने विषय के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला।
प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि नरेश मेहता की रचनाओं से गुजरना चिर प्रतिष्ठित दृष्टि और व्यापक विश्व बोध से साक्षात्कार करना है। वे हिंदी के उन चुनिंदा कवियों में रहे हैं, जिन्होंने अपने युग परिवेश और समाज से संवाद करते हुए भी जीवन के शाश्वत प्रवाह को अपने अंदर समाहित किया।
प्रो. प्रकाश उपाध्याय ने गीत एवं कविताओं का पाठ किया। प्रो. सिंह को सारस्वत सम्मान किया गया। प्रारंभ में अतिथियों ने वाग्देवी एवं मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

संचालन शोधार्थी पूजा परमार ने किया। आभार प्रदर्शन प्रो. जगदीशचंद्र शर्मा ने किया।