कुल पृष्ठ दर्शन : 2

पथ पर चल रहे हम…

हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
************************************

पथ पर चल रहे हम,
सफ़र है जो खत्म नहीं होता
हर एक रास्ता निकल ही जाता है
कहीं ना कहीं,
इसलिए पथ पर चल रहे हैं हम।

रुकना नहीं है, हमें चलते जाना है,
तभी तो मंज़िल मिलेगी
रास्ता यूँ ही कट जाएगा,
पथ पर चल रहे हैं हम।

राह में मुश्किल बड़ी होती है
ढूंढते रहते हैं, हम मंज़िल को
तलाश तो जारी रहती है हमारी,
तभी तो पथ पर चल रहे हैं हम।

गम हो या हो खुशी,
जीवन का सार है चलना।
रुकना तो ठहरा हुआ पानी है,
तभी तो पथ पर चल रहे हैं हम॥