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परमवीर चक्र विजेताओं के शौर्य को समर्पित रही काव्य संध्या

सोनीपत (हरियाणा)।

कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा २३२वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी राष्ट्रचेतना से परिपूर्ण साहित्यिक आयोजन के रूप में की गई। यह
‘हमारे परमवीर चक्र विजेता’ विषय पर ४ घंटे चली, जिसमें हिंदी साहित्य, राष्ट्रप्रेम और वीरता की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही।
इस गोष्ठी ने सबको भारतीय सैन्य पराक्रम व सर्वोच्च बलिदान के गौरवशाली इतिहास से भावनात्मक रूप से जोड़े रखा। सभी रचनाओं की प्रस्तुति में विजेताओं के शौर्य वर्णन से यह उनको समर्पित ऐतिहासिक काव्य संध्या बन गई। इसकी अध्यक्षता पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने की। मुख्य अतिथि डॉ. श्रीमती गीता पाण्डेय ‘अपराजिता’ की उपस्थिति ने विशेष ऊँचाई दी। शुभारंभ गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा ने भावपूर्ण स्वर के साथ प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित किया।
इस अवसर पर काव्य पाठ करने वाले भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’, श्रीमती ज्योति ‘प्यासी’, उर्मिला तिवारी ‘योगमाया’, अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’, डॉ. श्यामबिहारी मिश्र, संपत्ति चौरे ‘स्वाति’, विष्णु शंकर मीणा, सविता बांगड़ ‘सुर’, ‘अपराजिता’, ‘मधुप’ एवं पवनेश मिश्र रहे। सभी रचनाओं में राष्ट्रभक्ति व कृतज्ञता का स्वर प्रमुख रहा।
मंच संचालन आशुकवि भास्कर सिंह ‘माणिक’ ने प्रभावशाली ढंग से किया। आभार पवनेश मिश्र ने माना।