कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,
हैदराबाद (तेलंगाना)
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‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…
नव अरुणिम रंगों से सजा आसमान है,
हर चेहरे पर उम्मीद का हल्का-सा गुमान है
कल के धुंधलकों को पीछे ही छोड़ दें,
आज के इस क्षण में ही छिपा नया विधान है।
साल नया बस तारीख़ों का बदलना नहीं,
ये खुद से एक गहरा-सा किया वचन है कहीं
थोड़े से सपने, थोड़ी-सी जिद भी साथ हो,
मन के आँगन में विश्वास का दीया दहकता यहीं।
स्वास्थ्य की हरियाली हर घर-द्वार पे छाए,
हँसी के कुछ कण आँसुओं को चुप रहना सिखाए
शोर-ओ-गुल के बीच मिले दो पल की शांति भी,
भीतर का मौन ही सच्चा संगीत बन जाए।
आपके हर कदम को उद्देश्य की रोशनी मिले,
मेहनत की थकान को भी मधुर तृप्ति-सी मिले।
२०२६ की राहों पर यूँ चलता रहे जीवन,
जैसे धीमी सरगम को हर स्वर में अर्थ नए मिले॥
परिचय – कवि व अनुवादक कमलेकर नागेश्वर राव का साहित्यिक उपनाम ‘कमल’ है। आप सरकारी अध्यापक (हिंदी) ने रूप में जिला नागर कर्नूल के वेल्दंडा में कार्यरत हैं। तेलंगाना राज्य के रंगा रेड्डी जिले में निवासरत ‘कमल’ की तेलुगू और हिंदी के समाचार पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ व विशेष आलेख प्रकाशित होते रहते हैं। इनको श्री श्री कला वेदिका राजमंड्री वालों से ‘साहिती मित्रा’ पुरस्कार, आदित्य संस्कृति (मप्र) से ‘हिंदी सेवी’ तथा डाॅ.सीता किशोर खरे स्मारक साहित्य पुरस्कार आदि मिले हैं।