कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’
देवास (मध्यप्रदेश)
*******************************************************
‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…
हे देशभक्त वीर सपूत,
अब तू वर्ष क्या, युग बदल
विकसित राष्ट्र निर्माण में
अंशदान,
करने के लिए खुद को बदल
लचर, भ्रष्ट है हर तंत्र,
हे देश के युवा तू इसे बदल।
देश का परचम विश्व में
लहराना है,
तो खुद को बदल
वर्षों बीत गए,
कैलेंडर ही बदले
ऐ-देशवासी तू,
अब देश की उन्नति, समृद्धि के लिए खुद को बदल।
बिकते, स्वार्थी हुए इस युग में जिम्मेदार,
जो लोग अपना ईमान, धर्म
कर्तव्य, निष्ठा, जमीर
बेच कर जो गए बदल,
है देश के जिम्मेदार
युवा जाग, इन्हें तू बदल।
देश-धर्म की रक्षा के
लिए तू खुद को बदल,
फिर कैलेंडर आएंगे
फिर जाएंगे बदल।
सोच तू खुद को नहीं बदलेगा तो,
ये जालिम तुझे देंगे ‘केसर’ बदल॥