कुल पृष्ठ दर्शन :

प्रवासी भारतीयों के भाव गीत ‘मन जन गण मन गाएगा’ का हुआ वैश्विक प्रदर्शन

दिल्ली/बर्लिन।

भारत के ‘गणतंत्र दिवस’ की पूर्व संध्या पर वैश्विक मंच पर अनोखी सांस्कृतिक पहल में ‘इंडिया विदाउट बॉर्डर्स’ शीर्षक से अंतरराष्ट्रीय संवाद के दौरान गीत ‘मन जन गण मन गाएगा’ का विश्व प्रदर्शन (प्रीमियर) प्रस्तुत किया गया। यह लिटरेरी इंटेलेक्ट्स एंड पोएट्स ऑफ इंडियन ओरिजिन (लिपि) यूरोप और राइटफुली योर्ज के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजदूत इंद्रमणि पांडेय (महासचिव, बिम्सटेक) ने की। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार तेजेन्द्र शर्मा (लंदन) तथा सुनील सिंह (वरिष्ठ निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, दिल्ली) रहे। आयोजन को ‘बर्लिन इंडियावाले’ समूह का भी समर्थन प्राप्त रहा। इस गीत की परिकल्पना, लेखन और रचना डॉ. योजना साह जैन की है, जो लंबे समय से साहित्य, संस्कृति और वैश्विक भारतीय पहचान से जुड़े विषयों पर सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इसमें डॉ. जैन के साथ सागर डी.आर. व कौशिकी खौड की स्वर-भागीदारी भी है। डॉ. जैन ने बताया कि यह गीत उस आंतरिक संबंध की बात करता है, जो प्रवासी भारतीयों का भारत से है-शांत, परतदार और अत्यंत गहरा। यह घोषणा का गीत नहीं है, बल्कि अपने भीतर भारत को जीने की अनुभूति है।
इस कार्यक्रम का संचालन अर्निमा और अश्वथी ने किया।