ममता साहू
कांकेर (छत्तीसगढ़)
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‘रामनवमी’ (२६ मार्च) विशेष…
राम नाम की ऐसी महिमा,
मुझसे कही ना जाए
जो राम की महिमा गाए,
भव सागर तर जाए।
राम के चरण धोकर केवट,
राम शरण को पाए
राम के पद पड़ते ही पत्थर,
नारी अहिल्या बन जाए।
राम नाम जपते-जपते,
भक्ति में डूब जाए
राम को जूठे बेर खिलाकर,
शबरी परम पद पाए।
राम नाम की ऐसी महिमा,
मुझसे कही ना जाए,
राम नाम लिखा पत्थर,
पानी में तैर जाए।
राम नाम जपते हनुमान,
राम के दर्शन पाए
भक्ति की शक्ति से,
सीना फाड़ के सीता-राम दिखाए।
राम नाम की ऐसी महिमा,
मुझसे कही ना जाए।
जो राम की महिमा गाए,
भव सागर तर जाए॥