‘इंसानियत’ का बीज बदल सकता है दुनिया

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** ‘इंसानियत’ सुनने में एक शब्द है, लेकिन स्वयं के भीतर अनगिनत भावनाएँ समेटे हुए है। यह केवल किसी की मदद करना या दूसरों के लिए त्याग करना भर नहीं है, बल्कि इंसानियत वह ऊर्जा, अच्छाई और शक्ति है, जिसके सहारे समाज जीवित रहता है तथा दुनिया चलती है।कहना गलत नहीं होगा … Read more

नई परंपराओं का प्रारंभ बनना चाहिए संसद

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत की संसद के शीतकालीन सत्र प्रारंभ होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने आने वाले दिनों में संसद की कार्रवाई के हंगामेदार होने का संकेत देने में देर नहीं लगाई। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एस.आई.आर. सहित कई मुद्दों पर जोरदार ढंग से सदन में अपनी … Read more

बाल कवियों की उर्वर कल्पना से सुरभित हुई गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। हिन्दी भाषा एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार ने २२५ वीं आभासी काव्य गोष्ठी में बाल कवियों को प्रस्तुति का अवसर दिया। इन कवियों की उर्वर कल्पना से गोष्ठी जोरदार तरीके से सुरभित होती रही।मंच की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि गोष्ठी होनहार बाल सृजनकारों की … Read more

भारत की माटी है चंदन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* भारत की माटी है चंदन, माथे पर तिलक लगाएंगे,दुर्लभ मानव गात्र राष्ट्र हित, बलिवेदी पर चढ़ जाएंगेस्वाभिमान भारत माटी का,कण कण हरियाली लाएंगे,मातृभूमि मंदिर विनत मन, प्रेम भक्ति शक्ति रम जाएंगे। नव विहान उत्थान प्रगति पथ, निर्माण स्वर्ग रच जाएंगे,युवा शक्ति अनुरक्ति राष्ट्र हित, सम सत्प्रेरक बन जाएँगेरामराज्य स्वप्निल … Read more

गीता गुण खान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गीता के गुण क्या कहूँ, गीता है गुण-खान,जीवन जीने की कला,छिपा ज्ञान-विज्ञान। छिपा ज्ञान-विज्ञान, सदा पढ़िए मन लाई,सत-रज-तम गुण ज्ञान ,सदा ही है सुखदायी। कह सरोज सुन सखा, कर्म कर लो मन लाई।फल पर वश न अपना, गुण गीता के गाई॥

कब कर दें धराशाई

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मुसाफिर अपनी गठरी बांध,चल रहा तू अपनी हर चालसमय का खेल होता है अलबेला,ऊँची उड़ान को कब कर दें धराशाई। तू सोचता है तेरे से ज्यादा समझदार और कोई नहीं,पर भूल जाता है तुझे बनाने वाले को सब पता हैक्यों ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती,ऊँची उड़ान को … Read more

तपोवन के पेड़

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* ब्रम्हगिरी के शिव से कलकल बह निकली, पावन गोदावरी गंगा है,गोदा के तट पर वनचरी विराजीत शोभित, जैसे माँ भारती का तिरंगा हैदण्डकारन्य का सबसे पवित्रतम भाग तपोवन, जो रामरंग से रंगा है,सुना है कुम्भ के चलते वृक्षों क़ो लेकर, मच रहा बहुत ही दंगा है। अरे! तुम क्या जानो एक … Read more

प्रतियोगिता हेतु ३१ तक लेंगे प्रविष्टि

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इंदौर (मप्र)। पत्रिका ‘देवपुत्र’ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता एवं पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियाँ ३१ दिसम्बर २०२५ तक आमंत्रित हैं। केवल १ प्रविष्टि ही अपेक्षित है।सम्पादक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी प्रतियोगिताओं के लिए सामान्य नियम है कि प्रविष्टि पर प्रतियोगिता, पुरस्कार का नाम अपना पूरा नाम, पता, पिनकोड एवं व्हाट्सएप नम्बर अवश्य लिखें। प्रविष्टि … Read more

लड़कियाँ व सोशल मीडिया

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** लड़कियाँ सोशल मीडिया पर हैं,वो नए युग की एक दस्तक हैं। लड़कियाँ स्क्रीन की कैद में नहीं हैं,वे डिजिटल आसमान की उड़ान हैं। फ़िल्टर की रोशनी में उजाला करती हैं,तो कभी आँखों का दर्द छलकाती है। कभी बनतीं किसी की प्रेरणा है,तो कभी बहस की वो चिंगारी हैं। लाइक्स और व्यूज़ उनको … Read more

स्मृति व्याख्यान से किया वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक को याद

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नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में डॉ. वेदप्रताप वैदिक द्वितीय स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि व वक्ता प्रो. गणेश देवी (भारतीय सांस्कृतिक कार्यकर्ता, साहित्यिक आलोचक और प्रोफेसर) रहे।आपने बताया कि डॉ. वैदिक उन राष्टीय अग्रदूतों में से एक थे जिन्हें पत्रकारिता, राजनीतिक चिंतन, अंतरराष्ट्रीय राजनीति के क्षेत्र में और … Read more