कन्या भ्रूण का करुण क्रंदन
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ हे जननी, तू क्यों कातर हो,सिसक रही तड़प रहीमाँ मेरी तूने तो मेरी रक्षा का,प्राण-पण से प्रयास किया…हे माँ, मेरा-तेरा संग तो,विधाता ने इतने दिन काही नियत किया थामैं तो अत्यंत ऋणी हूँ माँ,मुझे तेरी ममता की छाँव मिलीनहीं जन्म लिया तो क्या…मैंने तेरे दुलार-प्यार को जी लिया है। कैसी खुश थी … Read more