उँगलियाँ
गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** उँगलियाँ किसी पर भी उठा देते हैं लोग बस,बात को बातों में ही, उड़ा देते हैं लोग बस। चाय में डालकर अखबार को भी पी जाते हैं,मुद्दा कोई गुफ्तुगू का जुटा लेते हैं लोग बस। अगर अपने आँगन में जलाने को दीया नहीं,तेल दूजे के घर का भी चुरा लेते हैं … Read more