माया में फँसता अज्ञानी

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचनाशिल्प:१०, ८, ८, ६…. माया में फॅंसता, ईश्वर भी हँसता कैसा मानव, अज्ञानी।जीवन भर रोता, कभी न सोता,करता है वह, नादानी।प्रभु से विरत रहे, पापरत रहे,करता रहता, मनमानी।माया है ठगिनी, जीवनहरिणी,कर देती ये, हैरानी॥ माया का बंधन, दिखता चंदन,अंत बड़ा ही, दुःख भरा।मन को भटकाता, रूप दिखाता,लगता है सब, हरा-हरा।नश्वर है … Read more

पढ़ाई ही सब कुछ

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ मन था विश्वास, मन का है सम्मान,मान मिले या मिले अपमानपढ़ना है और बस पढ़ना है,पढ़ कर ही सब मिल सकता है। संघर्ष है जीवन सेअपमान का घूंट पीना हैजात-पात को खत्म करना है,मिले सबको सम्मान। पूजा का मंदिर हो या हो अस्पताल ,या हो कोई समारोह सब जगहऊँच-नीच का भेद रहे … Read more

लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराएँ सत्ता व विपक्ष

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी लोकतंत्र के लिए चिन्ताजनक घटना है, क्योंकि लोकतंत्र केवल शासन की एक प्रणाली नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, असहमति के सम्मान और संस्थागत विश्वास पर टिकी हुई जीवंत परंपरा है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में संसद इस लोकतंत्र का सर्वोच्च … Read more

बनो फूल से…

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** प्यारा गुलाब,बोले बहुत कुछसबको भाता। साथ में काँटा,बचना है जरूरीज़िंदगी में यूँ। अच्छे में बुरे,ये सिखाए ज़िंदगीजैसे गुलाब। सदा लुभाए,मन को भाए फूलरंग निराले। ‘फूलों का राजा’,कहलाता गुलाबलाल-सफेद। लाल गुलाब,मिले जीवनसाथीप्रेम प्रतीक। है ज़िंदगी भी,देखो रंग अनोखेकईं हिसाब। कभी खजाना,कभी हर सू गमकभी गुलाब। पीला गुलाब,निभा लो बस दोस्तीसीधा हिसाब। बनो … Read more

वसन्त खिले मुकुलित रसाल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वसन्त खिले मुकुलित रसाल, गूंजे तान भ्रमर मधुराई छाए,नव प्रणय युगल रोमांच मिलन, खिले मकरन्द महके गाए। अठखेल करे तितली पतंग, वासन्तिक पिकगान सुहाए,ऋतुफलकन्द सुरभि वन-कानन, सतरंगों समरसता लाए। मुकुल हँसे तो नवभोर सजे, धरती नूतन रूप सँवारे,नव पल्लव की संकोच लिए, कुसुमित कलियाँ रंग उधारे। मौन छुपाए प्रिय … Read more

हमारा काम भाषा की मानवीयता को बचाना, इसकी बड़ी जरूरत

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सम्मान…. दिल्ली। पुरस्कार लेना अच्छा है, पुरस्कार लेकर जल्दी भूल जाना और अच्छा है। हिंदी में पुरस्कार मिलने पर पाठक बढ़े, ना बढ़े, शत्रु जरूर बढ़ जाते हैं। आज हमारी बेचैनी टुच्ची चीजों को लेकर हो गई है। एक दौर था जब लोग प्रधानमंत्री की आलोचना कर सकते थे। आज तो पूरा भारत ही मुदित … Read more

पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गाँधी’ लोकार्पित

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नई दिल्ली। राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली ने महात्मा गाँधी के विचारों पर केंद्रित और मौजूदा समय में देश की पहचान को बचाने के लिए ज्वलंत मुद्दों वाली प्रो. पुरुषोतम अग्रवाल लिखित पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गाँधी’ का लोकार्पण कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सैकड़ों विचारकों, लेखकों और युवाओं की मौजूदगी में किया। समारोह में … Read more

‘नवोदय निर्झरिणी’ के नए अंक का किया आभासी विमोचन

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दिल्ली। दिल्ली। नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘नवोदय निर्झरिणी’ पत्रिका ‘माह दिसंबर २०२५’ अंक का आभासी विमोचन वरिष्ठ कवयित्री अंजू श्रीवास्तव ने किया। संस्थान के संस्थापक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुव्रत’ के मार्गदर्शन में प्रधान संपादिका डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ एवं संपादक डॉ. कृष्णकांत मिश्र द्वारा संपादित पत्रिका में अनेक साहित्यकारों ने कईं … Read more

समय का फेर

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** वह नगर की सबसे बड़ी पत्र- पत्रिकाओं की दुकान थी। पूरी दुकान पत्र-पत्रिकाओं और उपन्यासों से सजी हुई थी। अंदर, मालिक का केबिन बना था और उसके बाहर एक सोफा रखा था। केबिन के बाहर मालिक का निज सचिव बैठा था। साधारण-सी वेशभूषा में एक सज्जन आए।उन्होंने अपना नाम एक … Read more

सबका प्यारा गुलाब

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** सुन्दर गुलाब सबका प्यारा होता है,पर साथ में काँटा भी लगा होता है। जिस किसी को होगा गुलाब से प्यार,वह काँटों से भी जरूर करेगा प्यार। कई रंगों का होता है ये प्यारा गुलाब,फूलों का राजा कहलाता है ये गुलाब। हरा, लाल, पीला, काला, सफेद, नारंगी,सभी को भाएं ये फूल आसमानी, बैंगनी। … Read more