धूल धूसरित धरा आभूषण
आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** पूरे देश-में छाया सफेद धुआँ, धुंधला-धुंध,पर्यावरण प्रदूषित हुआ, गंदी है ओस की बूँदबादल में जकड़े सूर्यदेव ने आँखें ली है मूंद,तरसता जन जीवन, त्राहिमाम पेड़ पौधे, कुमुद। न कुहरा छँटा, न बादल फटा, न सूरज में है तेज,शीत लहर के ठण्ड कहर में डूबा मानव निस्तेजभीषण ठण्ड में, शीतलहर … Read more