निराकरण तो करना है

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )********************************** ‘नीट’ विवाद-आंदोलन… देशभर में सड़कों पर छात्र कर रहे अपने अधिकारों की बात,ऐसे में चुप नहीं बैठ सकते हो सरकारआप उनके ‘भविष्य’ के हो तारणहार,उनकी परेशानी का आपको करना है निराकरण…। कुछ गलती अगर हुई है, तो उसे ठीक किया जा सकता है,सुधार हेतु ‘प्रयास’ जरूरी है, प्रबंधन के प्रबंध … Read more

क्यों न आए श्याम…?

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)************************************ मैं हेरी-हेरी देखूँ,अब तक क्यों न आए श्यामतुम कहाँ रह गए मेरे,सुन लो मेरी पुकार श्याम। मैं तुम्हें पुकारूँ,ले-लेकर तेरा नामहर पल रो-रोकर,गला मेरा रुंध गयारात भी अब ढल चली,मन के दीपक जला-जला करतेरी राह निहारूँ,मैं हेरी-हेरी देखूँअब तक क्यों न आए श्याम…? कैसे तुझे ढूँढूं,इस संसार की भीड़ में ?तेरे … Read more

प्रकृति एक अनसुलझी पहेली

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)**************************************** प्रकृति एक अनसुलझी पहेली है,यह एक सुलझी हुई सहेली भी हैप्रकृति में उगते है सूरज तारे-चंदा,जिससे बनते दिन और रात का धंधा। प्रकृति में मिट्टी है जिसमें बोते हैं बीज,वही बीज बड़ा होकर बन जाता है पौधाप्रकृति का अपना भाई एक हिसाब होता है,भूल से भी इसमें नहीं है कोई सौदा। इस … Read more

हम तो नए परिंदे

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)***************************************** जान लें आप कि हम तो साहित्य के नये परिंदे हैं,मन में है सृजन का आवेग, भले ही गति में मंदे हैं। काव्य के प्रति अनुराग हमारा, अंतर्मन में हर्ष लिएलेखन के प्रति नवल चेतना, हर पल ही संघर्ष लिएभले नये पर करें साधना, हमने लिखना जाना है,अनुशासन में रहते हैं … Read more

अनकहे अहसास

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आँखों से जो कह न पाया, मन ने उसे सँभाल लिया,मौन अधरों ने हर धड़कन का      संदेश उछाल दिया,कुछ संबंध शब्दों से नहीं, विश्वास से जीवित रहते हैं,अनकहे हर एक अहसास ने जीवन को निहाल किया। बिन बोले जो साथ निभाए, वही सच्चा अपनापन है,दु:ख की धूप में छाँव … Read more

मन का सुकून

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* सुकून कोई जगह नहीं एक अहसास है,जो मेरे लिए कदम-कदम पर खास है। हरेक इंसान को बस शोहरत की चाह है,दुनिया में हर शख्स यहाँ दौलत का दास है। अब तो मैंने खुद ही खुद से सुलह कर ली,जीवन का हर लम्हा लगता मधुमास है। सुकून वह नहीं, जो … Read more

दुआएँ माँ की

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)************************************* ऐ मेरे बच्चे,मरकर भी दूँगी तुमको दुआएँजिस पल तुम मुझे याद करोगे,मैं साया बनकर साथ रहूँगी। अचानक जब जिह्वा पर,आएगा मेरा नाममैं साया बनकर साथ रहूँगी,तेरे संकल्प बनकर आ जाऊँगी। घनघोर अँधेरा हो,या घनघोर निराशाजब सूझे न कोई राह,मैं आशा बनकर आ जाऊँगी। उस पल जब तुम याद करोगे,मैं साया बनकर … Read more

मौन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)******************************************** बोलो मोहनकब तक मौन,दर्शक बने रहोगे ? कोई वेदनाक्यों छूती नहीं चेतना,पीर कब दूर करोगे ? घर बाहरकहाँ जाऊँ किधर,कब पुकार सुनोगे ? कैसे क्या करूँस्वयं को सुरक्षित रखूँ,संबल कब तुम बनोगे ? अति हो गईधरती शर्मिन्दा हो गई,अब कब समझोगे ?

सतगुरु की खड़ी है नैय्या‌

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* सतगुरु की खड़ी है नैय्या तू नाम धन दे के चढ़ जा,नाम धुन में मगन रह निसदिन प्रभु की ओर बढ़ जा। स्मरण में गुरु चरण सिर माथे चरण की रज,है विकट मायाशक्ति प्रभु की प्रभुनाम पे बस तू अड़ जा। पाप की गठरिया सिर राखी जनमों-जनम‌ से, फेंक तुरत-फुरत … Read more

सुकून मिलता नहीं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक)************************************************* सुकून मिलता नहीं जग के सुनहरे  आशियानों में,वह स्वयं खिलता सदा निष्काम मन के उपवनों मेंनिर्मल अंतर्मन ही शांति का शाश्वत निवास बनता है,प्रेम की सरिता बहे तो सुख उतरता प्राणों में। धन-संपदा से कब किसी का रिक्त अंतर भर सका,लोभ की आँधी में कोई शांति-पुष्प  कब झर सकासंतोष का दीपक जहाँ नित्य धैर्य … Read more